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हरीश रावत ने सोशल में जारी किया पोस्ट, लिखा - मेरी योजनाओं पर सरकार ने नहीं दिखाई रुचि

Fri, 31 Jan 2020 10:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 31 Jan 2020 10:34 PM IST
सार

  • सोशल मीडिया में जारी किया पोस्ट, लिखा गुरू जी तो बिल्कुल नहीं होने चाहिए नाराज

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Harish Rawat released post in social media, Government did not show interest in my plans
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया में पोस्ट जारी किया है, जिसमें लिखा है कि उनकी योजनाओं पर सरकार ने रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने मेरा धन मेरा गांव योजना शुरू की थी। अनुबंध के नियम बनाए, मंत्रिमंडल से भी योजना का अनुमोदन कराया।

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यह सोचा था कि लोग इस योजना के माध्यम से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगे, लेकिन इस योजना के रूप में एक अभिनव सोच होते हुए भी इसके न चलने से उन्हें दुख हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शिक्षण संस्थाओं को म्यरो उद्बोधन देने के लिए उन्होंने गेस्ट टीचरों की व्यवस्था दी, राजीव गांधी नवोदय की तर्ज पर राजीव अभिनव स्कूल दिए। लगभग 600 स्कूल और कॉलेजों को रिमॉडल किया।
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अभियान चलाकर लोगों से अनुरोध किया कि यदि सेवानिवृत्त हैं, तो अपने को स्वैच्छिक रूप से स्कूल की आवश्यकताओं के साथ जोड़ें। यह अभियान राजनैतिक तंत्र की लगातार उदासीनता के कारण कमजोर पड़ता जा रहा है।

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ग्रामीण प्रवास का निर्देश केवल रस्म अदायगी

पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें डर है कि कहीं जिस तर्ज पर सरकारी अधिकारियों के ग्रामीण प्रवास का उनका निर्देश केवल रस्म अदायगी बनकर रह गया। इसी तरह म्यरो स्कूल की अवधारणा का भी हाल न हो जाए। उन्होंने कहा कि इस सोच को एक सकल उत्तराखंडी अभियान का स्वरूप दिए बिना प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की बुनियाद मजबूत नहीं हो सकती।

पूर्व सीएम ने लिखा है कि मुख्यमंत्री का पद संभालते हुए उन्हें लगा था कि उनका एक आदेश विशाल पत्थर को भी हिला सकता है। लेकिन छह साल बाद वह समझ चुके हैं कि मुख्यमंत्री पहाड़ हिला सकता है अधिकारी को नहीं हिला सकता। छोटे राज्य में तो स्थिति और कठिन है। हर कोई 25 से 50 वोटों को प्रभावित कर सकता है। यदि कर्मचारी नाराज हो गए तो पार्टी की छुट्टी हो सकती है। गुरू जी तो बिल्कुल भी नाराज नहीं होने चाहिए।

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