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हरीश रावत ने सतपाल संग रात में पकाई 'खिचड़ी'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 12 Feb 2014 10:33 AM IST
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सांसद सतपाल महाराज सारे शिकवे-गिले भुलाकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत से गले मिले। उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति के दो पहाड़ जब मिले तो जमी बर्फ जरूर पिघली।
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लेकिन दिग्गजों की की मुलाकात को राजनीतिक गलियारे में सौदेबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। महाराज के साथ पत्नी और सरकार में मंत्री अमृता रावत भी मौजूद थीं। यह मेल-मुलाकात अमृता रावत को भारी भरकम विभाग दिलाने की मुहिम मानी जा रही है।
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रावत से मिलने सचिवालय पहुंचे सतपाल
सतपाल महाराज सोमवार को रात के अंधेरे में करीब नौ बजे रावत से मिलने सचिवालय पहुंचे। करीब आधा घंटे इन नेताओं केबीच बातचीत हुई।
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सूत्रों की मानें तो सतपाल महाराज की ओर से पिछले दिनों आए कुछ बयानों पर साफ सफाई भी हुई। हरीश रावत ने अपने बदले रुख के अनुसार उन्हें खूब सुना लेकिन ज्यादा कुछ नहीं बोले।
बताते हैं कि अमृता रावत के विभागों को लेकर भी चर्चा हुई। बताते हैं इस पर हरीश रावत का रुख सकारात्मक रहा।
हरीश खेमा देगा महाराज का साथ
महाराज चाहते हैं कि उन्हें बिना किसी विवाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी मिल जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर यशपाल आर्य को पार्टी बदलती है तो हरीश खेमा महाराज का साथ देगा।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अंतिम समय में हरीश रावत के लिए खलनायक बनकर उभरे सतपाल महाराज भी शायद हरीश रावत के बदले रुख के कायल हो गए हैं।
पिछले दिनों सतपाल महाराज की ओर से मुख्यमंत्री को लेकर तमाम बयान दिए गए लेकिन हरीश रावत ने खामोशी ओढ़े रखी।
वह उसी दिशा में तेजी से चलने लगे जिसे लेकर उन्हें घेरा जा रहा था। मुख्यमंत्री के सामने मंत्रियों के विभागों को लेकर लंबे समय से माथापच्ची चल रही है।
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खासकर उर्जा, पीडब्ल्यूडी, वन, कृषि, पर्यटन जैसे विभागों पर बड़े नेताओं का दबाव लगातार बना हुआ है। हालांकि हरीश रावत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पास के महत्वपूर्ण विभाग बड़े मंत्रियों को ही सौंपेगे।