आपदा पुनर्निर्माण का खाका तैयार: रावत
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मुख्यमंत्री हरीश रावत की बात पर यकीन करें तो प्रदेश सरकार ने पुनर्निर्माण का खाका तैयार कर लिया है और योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा।
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परेड ग्राउंड में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुनर्निर्माण और पुनर्वास का बेहतरीन पैकेज तैयार किया है। चार धाम यात्रा का समय से शुरू होना प्रदेश के सम्मान का सवाल भी है और सरकार इस काम को हर हाल मे समय से पूरा करेगी।
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कांग्रेस मिलकर इस जिम्मेदारी को पूरा करेगी। रावत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पुनर्वास का सबसे बेहतर पैकेज होना चाहिए। सरकार यह काम करेगी। अब यह भी तय कर लिया गया है कि सरकार खुद लोगों के पास जाएगी।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इस जनसभा से कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलेगी। सांसद सतपाल महाराज ने कहा कि कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए अब प्रदेश सरकार को जमीन का आवंटन करना चाहिए।
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कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी।
एक दूसरे की पीठ थपथपाई
कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत के सुर भी मिले। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद विजय बहुगुणा ऐसी किसी पहली जनसभा में शरीक हुए जिसमें उन्हें मंच पर लोगों के सामने आना पड़ा।
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परेड मैदान में हुई जनसभा में राहुल गांधी की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने मंच साझा किया। बहुगुणा ने कहा कि उन पर लोगों को बचाने का दबाव था।
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तात्कालिक राहत और बचाव के काम को उन्होंने बेहतरीन तरीके से पूरा किया। अब दूसरा दौर है। हरीश रावत ने कहा कि विजय बहुगुणा ने राहत के काम को अंजाम दिया। 1.50 लाख लोगों को बचाया। अब पुनर्निर्माण का काम पूरा किया जाएगा।
फौजियों से हाथ मिला पर कदम नहीं
दो माह पूर्व परेड़ ग्राउंड से नरेंद्र मोदी फौजियों के साथ कदमताल मिलाते दिखे लेकिन राहुल सिर्फ उनसे हाथ मिला कर लौट गए।
प्रदेश की 10 फीसदी आबादी सैन्य परिवारों की होने के बावजूद राहुल के पास उनसे कहने के लिए कुछ खास नहीं रहा। जहां मोदी उत्तराखंड के युवाओं को सेना में अफसर बनने का सपना हकीकत में बदलने पर जोर देते दिखे वहीं राहुल सिर्फ इशारों में वन रैंक वन पेंशन लागू करने की बात भर कहकर निकल गए।
राहुल ने कुछ अलग किया तो वह पूर्वसैनिकों से मुलाकात रही, लेकिन वह भी पार्टी प्लेटफार्म पर हुई।
25 बरस पुरानी सैनिकों की मांग को पूरा किया
वन रैंक वन पेंशन जैसे बढ़े फैसले के बाद राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से संभावना जताई जा रही थी कि सैन्य बहुल प्रदेश में आकर वह यहां की सैन्य परंपरा से कांग्रेस के चुनावी एजेंडे को जोड़ेंगे।
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यह उम्मीद इसलिए भी अधिक लगाई थी क्योंकि दो माह पूर्व इसी मंच से नरेंद्र मोदी ने राज्य के विकास मॉडल को पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं के साथ जोड़ा था।
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मोदी ने कहा था कि यहां की रगों में शौर्य है परंपरा है लेकिन संसाधन नहीं है। उधर राहुल गांधी ने सैनिकों की आपदा में भागीदारी को तो सराहा, लेकिन उत्तराखंड के सेना के प्रति जनता के लगाव को लेकर कांग्रेस के एजेंड़े को साझा नहीं किया।
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राहुल ने वन रैंक वन पेंशन को लेकर सिर्फ इतना कहा कि हमने 25 बरस पुरानी सैनिकों की मांग को पूरा किया है। उधर, मोदी ने युवाओं की नब्ज पकड़ते हुए उनके सेना में अफसर बनने के लिए प्रदेश में सीमित संसाधनों का हवाला दिया।
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युवाओं के सेना के प्रति लगाव को देखते हुए मोदी ने प्रदेश में ऐसे स्कूल कालेजों की संख्या बढ़ाने की बात कही जिससे अवसर बढ़ें। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने वन रैंक वन पेंशन जैसे मुद्दों के साथ बोफोर्स सहित रक्षा सौदों में होने वाले भ्रष्टाचार की बात उठाई।