फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   harish rawat condemned employees strike.

‘यूपी में ब्लॉक प्रमुख होते, यहां मंत्री बन रिटायर होंगे’

Fri, 19 Dec 2014 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Dec 2014 01:58 AM IST
विज्ञापन
harish rawat condemned employees strike.

कर्मचारी संगठनों की लंबी चली हड़ताल और नेताओं के नखरों से आजिज मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को मजाकिया लहजे में उनकी हैसियत याद दिलाई और उत्तराखंड के राज्य बनने से मिला फायदा भी बताया।

विज्ञापन


वे बोले कि ‘यूपी में रहते तो ब्लाक प्रमुख ही होते, यहां रिटायर होंगे मंत्री बनकर।’ उस वक्त मंच पर बैठे श्रम मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल मुस्करा दिए।

मुख्यमंत्री हरीश रावत यमुना कालोनी में ऊर्जा आफिसर्स, सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के चतुर्थ महाधिवेशन में बोल रहे थे। कार्यक्रम में पहले उन्होंने ऊर्जा कर्मियों की लगभग हर मांग मान ली।
विज्ञापन


इसके बाद हड़ताल करने वाले संगठनों की तरफ रुख किया। बोले-‘कमाएंगे धेला भर नहीं। फाइल खिसकाएंगे एक गज और बात करेंगे 25 गज की। इस राज्य ने क्या नहीं दिया सबको।’

विज्ञापन
विज्ञापन

'बातचीत से मसले न हल करा सके वो नेता ही नहीं'

harish rawat condemned employees strike.

फिर उत्तराखंड के राज्य बनने का फायदे गिनाते हुए बोले-यहां पटवारी एडीएम हो गए हैं। लिपिक संयुक्त सचिव हो गया है। यूपी में होते ज्यादा से ज्यादा हेड क्लर्क हो पाते।

मन से काम करने के बजाय लोग ‘जो हम से टकराएगा’ नारे लगाना ही जानते हैं। कहीं इससे कुछ होता है। यह सोचा कि प्रदेश की आय कैसे बढ़े। आय बढ़ाने के बारे में कोई नहीं सोचता।

उन्होंने कहा कि मसले हड़ताल से नहीं बातचीत से हल होते हैं। वह कर्मचारी नेता ही नहीं जो बातचीत से मसले हल नहीं करा पाता। फिर ताजा हालात बताने लगे, बोले-इंदिरा जी का जमाना था तो कमजोर राज्यों को पहले पूछा जाता था। अब जिसकी भुजा में बल है उसे पूछा जा रहा है। इसी से अपना दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed