‘यूपी में ब्लॉक प्रमुख होते, यहां मंत्री बन रिटायर होंगे’
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कर्मचारी संगठनों की लंबी चली हड़ताल और नेताओं के नखरों से आजिज मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को मजाकिया लहजे में उनकी हैसियत याद दिलाई और उत्तराखंड के राज्य बनने से मिला फायदा भी बताया।
वे बोले कि ‘यूपी में रहते तो ब्लाक प्रमुख ही होते, यहां रिटायर होंगे मंत्री बनकर।’ उस वक्त मंच पर बैठे श्रम मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल मुस्करा दिए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत यमुना कालोनी में ऊर्जा आफिसर्स, सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के चतुर्थ महाधिवेशन में बोल रहे थे। कार्यक्रम में पहले उन्होंने ऊर्जा कर्मियों की लगभग हर मांग मान ली।
इसके बाद हड़ताल करने वाले संगठनों की तरफ रुख किया। बोले-‘कमाएंगे धेला भर नहीं। फाइल खिसकाएंगे एक गज और बात करेंगे 25 गज की। इस राज्य ने क्या नहीं दिया सबको।’
'बातचीत से मसले न हल करा सके वो नेता ही नहीं'
फिर उत्तराखंड के राज्य बनने का फायदे गिनाते हुए बोले-यहां पटवारी एडीएम हो गए हैं। लिपिक संयुक्त सचिव हो गया है। यूपी में होते ज्यादा से ज्यादा हेड क्लर्क हो पाते।
मन से काम करने के बजाय लोग ‘जो हम से टकराएगा’ नारे लगाना ही जानते हैं। कहीं इससे कुछ होता है। यह सोचा कि प्रदेश की आय कैसे बढ़े। आय बढ़ाने के बारे में कोई नहीं सोचता।
उन्होंने कहा कि मसले हड़ताल से नहीं बातचीत से हल होते हैं। वह कर्मचारी नेता ही नहीं जो बातचीत से मसले हल नहीं करा पाता। फिर ताजा हालात बताने लगे, बोले-इंदिरा जी का जमाना था तो कमजोर राज्यों को पहले पूछा जाता था। अब जिसकी भुजा में बल है उसे पूछा जा रहा है। इसी से अपना दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है।