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...तो क्या 2019 के रण से दूर हो जाएंगे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 

Thu, 19 Jul 2018 09:05 PM IST
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Thu, 19 Jul 2018 09:05 PM IST
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harish rawat can be out of 2019 elections
harish rawat

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कद भले ही कांग्रेस आलाकमान ने बढ़ा दिया हो मगर सियासी जानकारों का मानना है कि प्रभारी बनने के साथ ही वह 2019 के रण से कहीं दूर न हो जाएं। 

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हरीश रावत चार बार सांसद का चुनाव जीते तो चार बार अल्मोड़ा से हारे भी। विधानसभा के उपचुनाव में धारचूला से जीते थे। जबकि 2017 में दो विधानसभाओं से लड़े थे और दोनों से हार गए थे। इसके बावजूद वह कुछ माह से नैनीताल-ऊधमसिंह नगर में खासा सक्रिय हैं। हरदा हरिद्वार और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से 2019 के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। समय-समय पर उन्होंने कहा भी कि आलाकमान जहां से आदेश देगा वहां से चुनाव लड़ेंगे। रावत के ऐसे बयान पार्टी के भीतर उनके विरोधियों की बेचैनी बढ़ा रहे हैं।
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राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही है कि हरदा को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। साथ ही सीडब्ल्यूसी का भी हिस्सा होंगे। उन्हें असम का प्रभारी भी बनाया गया है। असम का प्रभार मिलने के कारण 2019 में 14 संसदीय सीटों में अधिक से अधिक संसदीय सीटों पर कांग्रेस को जीत दिलानी होगी। हरदा अगर सफल रहे तो पार्टी में कद और बड़ा हो जाएगा। साथ ही यह भी चर्चा की प्रभारी की जिम्मेदारी के चलते कहीं 2019 के रण में रावत उत्तराखंड से दूर न हो जाएं। संभव है कि असम की जिम्मेदारी निभाने के कारण हरदा 2019 में लोकसभा चुनाव न लड़ पाएं। विरोधियों में इस बात को लेकर राहत है कि रावत असम में उलझे रहेंगे और उनके उत्तराखंड से चुनावी मैदान में उतरने की संभावना कम है। 
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कद बढ़ा तो सोशल मीडिया पर कसा तंज 

harish rawat can be out of 2019 elections
सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
पूर्व सीएम हरीश रावत का पार्टी में कद बढ़ते ही सोशल मीडिया पर उनके एक करीबी व्यक्ति ने कटाक्ष किया। लिखा कि कुछ लोगों की हाईकमान ने सुन ली। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा था कि कांग्रेस के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश प्रभरी को अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की खुली छूट दी है। कुछ पर कार्रवाई होने के बाद कई नेता चुप हो जाएंगे। इसके अलावा उनके हवाले से सोशल मीडिया पर पूर्व सीएम को लेकर कई खबर चली थीं जिसमें पार्टी की ओर से पूर्व सीएम को सब कुछ देनी की बात कही गई थी।

मंगलवार को पूर्व सीएम का कद बढ़ने की खबर आने के साथ ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। सोशल मीडिया पर बधाई देने का दौर शुरू हो गया। दूसरी ओर उनके एक खास व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर रात्रि लगभग साढ़े नौ बजे लिखा कि हाईकमान ने कुछ लोगों की सुन ली। हरीश रावत बने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, असम के प्रभारी और कार्यसमिति के सदस्य। पार्टी में भले ही अनुशासन की बात हो रही है मगर वास्तविकता यह है कि मौका मिलने पर कोई चोट करने में पीछे नहीं रहता है। 

आतिशबाजी कर बांटी मिठाई
पूर्व सीएम हरीश रावत को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव, असम का प्रभारी और कार्यसमिति में सदस्य बनाए जाने पर कांग्रेसियों ने स्वराज आश्रम में आतिशबाजी कर जश्न मनाया। इस दौरान राहुल छिम्वाल, शशि वर्मा, मोहन सनवाल, माला वर्मा, हरीश मेहता, हिमांशु जोशी, ललित भट्ट, मोहिनी शर्मा, अलका शाह आदि थे। प्रदेश महासचिव खजान पांडे ने कहा कि नष्ठावान कार्यकर्ता को सम्मान दिया है।  दूसरी ओर कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में मिठाई बांटी गई। इस मौके पर प्रदेश सचिव दीप सती, नगर अध्यक्ष वकील अहमद, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष अली हुसैन, संतोष पाडे, राजकुमार पांडे, हरीश मेहरा, गिरीश भट्ट, जाहिद हबीबी, मो. मेहताब, जलील अहमद, भगवती देवी, कुशमा देवी, भगवती आर्या, आदि उपस्थित थे। सुमित्तर भुल्लर, सचिन जलाल, मनोज भट्ट, जया कर्नाटक, हेमा पांडे, लीला भट्ट, राजू मलकानी, मोहन पंत, आशा जोशी, विपिन परगाई आदि भी मिठाई बांटी।
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