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हरिद्वार: उत्तर प्रदेश सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर की संदिग्ध हालात में मौत, कमरे में जमीन पर पड़ा मिला शव 

Thu, 23 Jul 2020 09:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 23 Jul 2020 09:40 PM IST
सार

  • जुर्स कंट्री सोसायटी में फ्लैट के कमरे में जमीन पर पड़ा मिला शव 
  • मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले थे अमरदीप 

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Haridwar:Uttar Pradesh Setu Nigam Project manager dies under suspicious circumstances
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरिद्वार में ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की जुर्स कंट्री सोसायटी में किराये पर रह रहे उत्तर प्रदेश सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अमरदीप चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पत्नी से विवाद के बाद उन्होंने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया था। घटनास्थल का मौका मुआयना कर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही स्पष्ट हो पाएगा।

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मूल रूप से यूपी के गांव अमोखरी जिला हाथरस के रहने वाले उप्र सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अमरदीप चौहान (36) जुर्स कंट्री सोसायटी में किराये पर रह रहे थे। बुधवार देर रात ज्वालापुर पुलिस को सूचना दी गई कि अमरदीप चौहान ने फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली।
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घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रोजेक्ट मैनेजर का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। पड़ताल में सामने आया कि रात में उनका पत्नी नीतू से विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद वह दूसरे कमरे में चले गए थे। कुछ घंटे बाद जब पत्नी ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
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नीतू ने अमरदीप के ड्राइवर सुनील और कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण को बुला लिया। दरवाजे की चटखनी तोड़कर देखा तो अमरदीप फर्श पर गिरे थे। पंखे के सहारे चमड़े के चाबुक का आधा हिस्सा लटका हुआ था, जबकि कुछ हिस्सा गले पर कसा हुआ था।


कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि अमरदीप नेशनल हाईवे 72 के चौड़ीकरण का काम देख रहे थे। उनके पास मोतीचूर से लेकर लालतप्पड़ के बीच के प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी थी। परिजन को सूचना दे दी गई है। वह यहां पहुंच रहे हैं। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

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