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हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में छोड़ी एक बाघिन, अब तीन हो गई संख्या
Fri, 25 Dec 2020 11:03 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 25 Dec 2020 11:03 PM IST
सार
- टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए 2012 से चल रही कवायद
- जिम कार्बेट नेशनल पार्क से बेहोश कर लाई गई है बाघिन
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बाघिन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिम कार्बेट नेशनल पार्क से लाकर एक बाघिन को राजाजी नेशनल पार्क की मोतीचूर रेंज के जंगलों में छोड़ा गया है। बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए कई साल से चली आ रही कवायद के बीच राजाजी टाइगर पार्क की यह पहली सफलता मानी जा रही है। हालांकि अभी पार्क में एक भी बाघ नहीं है, जबकि बाघिनों की संख्या तीन हो गई है।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में महज दो बाघिन ही रह गई हैं। इनमें से भी एक बाघिन की उम्र 18 साल से अधिक है, जिसे अधिकारी बुजुर्ग बाघिन कह रहे हैं। वहीं, दूसरी की उम्र भी 12 साल से अधिक है। मगर इस क्षेत्र में कोई भी बाघ नहीं होने से टाइगरों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
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ऐसे में इस क्षेत्र में बाघों और बाघिनों की संख्या बढ़ाने के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अधिकारियों ने 2012 में कवायद शुरू की थी। तब तीन बाघिन और दो बाघों को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में लाने की मंजूरी मिली थी। कई साल बाद अब जाकर ये कवायद रंग लाते दिख रही है।
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इसके तहत 23 दिसंबर को एक बाघिन को जिम कार्बेट नेशनल पार्क की बिजलानी रेंज में बेहोश किया गया। इसके बाद बाघिर को 24 दिसंबर की सुबह मोतीचूर रेंज में बनाए गए टाइगर बाडे़ में छोड़ा गया। यहां से शुक्रवार को डेढ़ बजे बाघिन को मोतीचूर रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया।
इस दौरान भारतीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के महानिदेशक एसपी यादव, उत्तराखंड के मुख्य वन्य जंतु प्रतिपालक जेएस सुहाग, राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डीके सिंह, डीएफओ नीरज शर्मा, गोविंद बल्लभ पंत वन्य जीव राष्ट्रीय नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर कोमल सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. दीप्ति अरोड़ा, वार्डन ललिता प्रसाद टम्टा, रेंजर महेंद्र गिरी, एके सिंह समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
एक और बाघ अगले सप्ताह छोड़ा जाएगा
राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में कुल पांचों बाघों को बेरीवाड़ा, धौलखंड और मोतीचूर में छोड़ा जाना है। इसमें शुक्रवार को पहली बाघिन को छोड़ दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद है कि अगले सप्ताह एक और बाघ को रेंज में छोड़ दिया जाएगा।
....और एक क्लिक करने का नहीं मिला मौका
जिस समय बाघिन को छोड़ा गया, उस समय पूरा स्टाफ एक फोटो क्लिक करने के लिए तैयार था। लेकिन टाइगर बाड़े से छोड़ते ही बाघिन दो से तीन सेकेंड के अंदर ही जंगल में घुस गई। ऐसे में फोटो खींचने के लिए कर्मचारी बस तैयारी ही करते रह गए।