हरिद्वार: भ्रूण की लिंग जांच कराने वालों की अब खैर नहीं, रोकने के लिए होगा स्टिंग ऑपरेशन
- प्रशासन ने शुरू की मुखबिर योजना, जाल में फंसाकर करेंगे कार्रवाई
- सही सूचना देने वाले मुखबिर टीम को मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच कराने को प्रशासन अब मुखबिरों के सहारे स्टिंग ऑपरेशन करेगा। पूरे साक्ष्यों के साथ अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों पर कानूनी फंदा कसा जाएगा। सही जानकारी देने वाले मुखबिर टीम को तीन किश्तों में एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर लिंग जांच रोकने को सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जांच रोकने को मुखबिर योजना शुरू की है।
मुखबिर टीम में सूचना देने वाले के साथ गर्भवती महिला और एक अन्य सहायक (महिला या पुरुष) होगा। यह टीम संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर अपना जाल बिछाएगी। बाकायदा पंजीकरण कराने के साथ संबंधित महिला अपना लिंग जांच कराएगी।
यदि जांच में गर्भ में लड़की मिलती तो ऑपरेशन की बात कही जाएगी। यदि संबंधित ऑपरेशन करने को तैयार हो जाता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम छापा मारकर कानूनी कार्रवाई करेगी।
मुखबिर बनने को करना होगा आवेदन
डीएम ने बताया कि इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इस योजना के अंतर्गत मुखबिर बनने को लिखित में स्वास्थ्य विभाग में आवेदन करना होगा। इसके बाद मुखबिर, गर्भवती महिला और सहायक का चुनाव किया जाएगा।
गर्भवती महिला को अनापत्ति का शपथ पत्र भी देना होगा। इनाम की एक लाख की राशि तीन किश्तों में मिलेगी। पहली किश्त सूचना सही पाने पर, दूसरी न्यायालय में हाजरी और तीसरी किश्त आरोपी को सजा मिलने के उपरांत दी जाएगी।