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हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज पर्यटकों के लिए बंद, बाघों की शिफ्टिंग के चलते लिया फैसला
Mon, 04 Jan 2021 11:50 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 04 Jan 2021 11:50 PM IST
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बाघिन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज को अगले आदेशों तक सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया है। रेंज में बाघ शिफ्टिंग कार्य चलने के कारण एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में बाघ नहीं होने से यहां जिम कार्बेट नेशनल पार्क से पांच बाघ शिफ्ट किए जाने हैं। इनमें दो नर और तीन मादा बाघ को लाए जाने की योजना है। इनमें से एक बाघिन को 25 दिसंबर को ही मोतीचूर रेंज में छोड़ा गया है। वहीं अब सतर्कता के तौर पर रेंज में अग्रिम आदेशों तक मोतीचूर रेंज से की जानी वाली जंगल सफारी पर रोक लगा दी गई है। मोतीचूर के लिए पर्यटकों के लिए गेस्ट हाउस भी बंद कर दिए गए हैं।
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माना जा रहा है कि अब चार महीने तक पर्यटक मोतीचूर रेंज से जंगल सफारी नहीं कर सकेंगे। दरअसल, अभी चार बाघ और शिफ्ट किए जाने हैं, जिन्हें लाने में लंबा समय लगेेगा। इसके बाद उन्हें जंगल के मुताबिक ढलने में भी समय लगेगा। वहीं यदि कोई बाघिन गर्भवती होती है और उसके बच्चे पैदा होते हैं तो उनकी सुरक्षा के लिहाज से भी मोतीचूर रेंज को चार महीने से भी अधिक तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जा सकता है। यूं कहे कि इस सीजन में अब मोतीचूर रेंज के दरवाजे पर्यटकों के लिए खुलने मुश्किल हैं।
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कांसरों रेज में विचरण कर रही बाघिन
जिम कार्बेट नेशनल पार्क से लाई गई बाघिन मोतीचूर रेंज से निकलकर कांसरों रेंज में विचरण करती फिर रही है। अधिकारियों के मुताबिक बाघिन रोजाना दो से तीन किलोमीटर के दायरे में टहल रही है। इसके बाद वह नदी के किनारे लेट जाती है। बाघिन के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाघिन पूरी तरह से स्वस्थ है। बाघ आने पर बाघिन के मूवमेंट में अंतर आ सकता है।
बाघों को शिफ्टिंग करने का कार्य लंबा चलेगा। जल्द ही दूसरा बाघ मोतीचूर रेंज में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे में बाघों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए मोतीचूर में अग्रिम आदेशों तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- ललिता प्रसाद टम्टा, वार्डन, राजाजी टाइगर रिजर्व