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Haridwar Panchayat Election: ओबीसी सर्वे का काम पूरा, अब आयोग पर टिकी निगाहें
Mon, 08 Aug 2022 08:02 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 08 Aug 2022 08:02 PM IST
सार
जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 13 जुलाई को ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला और क्षेत्र पंचायत सीटों के लिए अंतिम आरक्षण की सूची को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने जारी कर दिया था।
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पंचायत चुनाव
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
हरिद्वार पंचायत चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सोमवार को आयोग को भेज दी गई। अब आयोग ही आरक्षण और पंचायत चुनाव कराने पर निर्णय लेगा। इसलिए ग्रामीणों की निगाहें भी अब आयोग पर टिकी हुई हैं।
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जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 13 जुलाई को ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला और क्षेत्र पंचायत सीटों के लिए अंतिम आरक्षण की सूची को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने जारी कर दिया था। आरक्षण पर मुहर लगने के बाद ग्रामीण सवा साल बाद पंचायत चुनाव होने की आस में तैयारियों करने के लिए जुट गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि अगस्त के प्रथम सप्ताह में पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो जाएगी।
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लेकिन बीच में सुप्रीम के कोर्ट के एक आदेेेश के क्रम में पंचायतों में ओबीसी वर्ग की स्थिति जानने के लिए एकल सदस्यीय समर्पित आयोग का गठन करना पड़ा। जिसके अध्यक्ष हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएस वर्मा को बनाए गए। उनके निर्देश पर पंचायतों में ओेबीसी वर्ग की स्थिति को जानने के लिए पंचायत विभाग की ओर से सर्वे कराया गया। हालांकि, यह सर्वे आबादी के अनुसार न कराकर मतदाता सूचियों के आधार पर किया गया। क्योंकि वर्ष 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है। इसलिए मतदाता सूची के आधार पर ही सर्वे में ओबीसी वर्ग के लोगों की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का आंकलन किया गया है।
जनपद के सभी ब्लॉकों बहादराबाद, खानपुर, भगवानपुर, नारसन, रुड़की और लक्सर से प्राप्त सर्वे रिपोर्ट को सोमवार को आयोग को भेज दिया गया है। अब आयोग और सरकार की तरफ से पंचायत चुनाव के लिए जो भी आदेश मिलेंगे। उस पर काम किया जाएगा।
- अतुल प्रताप सिंह, डीपीआरओ, हरिद्वार