पंचायत चुनाव: ...तो ओबीसी सर्वेक्षण से प्रभावित होगा आरक्षण, तैयारियों में जुटे दावेदारों की धड़कनें बढ़ीं
हरिद्वार में लगातार टलते जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई थी। वोटर लिस्ट फाइनल होने के बाद आरक्षण भी जारी कर दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शुरू हुए ओबीसी सर्वेक्षण से हरिद्वार में कुछ समय पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी किया गया आरक्षण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में जिले में चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हरिद्वार में लगातार टलते जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई थी। वोटर लिस्ट फाइनल होने के बाद आरक्षण भी जारी कर दिया गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तराखंड में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें हरिद्वार में पंचायत चुनाव को देखते हुए सात दिन के अंदर प्रक्रिया पूरी करनी है।
पहले चरण में आयोग का गठन कर दिया गया है जबकि दूसरे चरण के तहत ओबीसी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। तीसरे चरण में आयोग सर्वेक्षण के आधार पर ओबीसी का जिले में प्रतिशत निकालकर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगा। वहीं इस सर्वेक्षण के शुरू होने से पूर्व में घोषित आरक्षण के आधार पर दावेदारी करने वाले दावेदारों की नए आरक्षण में सीट छिन जाने के डर से धड़कनें बढ़ गई हैं। बहुत से ऐसे दावेदार भी हैं जो पहले आरक्षण से बाहर हो गए थे, उनमें भी अब दोबारा दौड़ में शामिल होने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि सरकार जिले में ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण देकर चुनाव करवा रही है। यूपी में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देकर चुनाव कराया गया है। इस लिहाज से ओबीसी जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस सर्वेक्षण के बाद ओबीसी की सीटें बढ़ जाएंगी। यह स्थिति आयोग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पूर्व निर्धारित रहेंगी एससी और एसटी सीटें
इस समय हरिद्वार में ओबीसी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। विभाग को आगामी सात अगस्त तक ओबीसी सर्वेक्षण की रिपोर्ट बनाकर आयोग को भेजनी है। इस सर्वेक्षण को लेकर एससी और एसटी प्रतिनिधियों में संशय है कि उनकी सीटों पर आरक्षण प्रभावित होगा। पंचायत राज के असिस्टेंट डायरेक्टर मनोज तिवारी ने बताया कि यह सर्वेक्षण केवल ओबीसी सीटों के लिए किया जा रहा है। इसमें अन्य दोनों आरक्षण पहले की तरह ही रहेगा। उन्होंने बताया कि ओबीसी, एससी और एसटी के आरक्षण को मिलाकर कुल 50 प्रतिशत आरक्षण होना है। अन्य 50 प्रतिशत सामान्य सीटें रहेंगी। इसमें भी एससी और एसटी के लिए प्रतिशत पहले से ही निर्धारित है।