हरिद्वार: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा बच्चों की मौत का राज, एफएसएल की टीम ने भी जुटाए सबूत
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर महदूद में कार की पिछली सीट पर मृत मिले बच्चे रोजाना घर के आसपास खेलते थे। प्लाट में भी जाते थे और उसी कार के अंदर छिपते भी थे। पुलिस के मुताबिक, दो दिन पूर्व भी बच्चे खेलते हुए वहां पहुंचे और कार में बंद हो गए।
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हरिद्वार में कार के अंदर से बरामद अरहान और फरहान के शव मिलने से हर कोई उनकी मौत को लेकर कयास लगा रहा है। कोई दम घुटने तो कोई भूख-प्यास से मौत होने की बात कह रहा है। हालांकि, मौत के असली कारणों से पर्दा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही उठ सकेगा। मंगलवार तक रिपोर्ट आने की संभावना है।
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर महदूद में कार की पिछली सीट पर मृत मिले बच्चे रोजाना घर के आसपास खेलते थे। प्लाट में भी जाते थे और उसी कार के अंदर छिपते भी थे। पुलिस के मुताबिक, दो दिन पूर्व भी बच्चे खेलते हुए वहां पहुंचे और कार में बंद हो गए।
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इसके बाद कार का लॉक अंदर से बंद हो गया और बच्चे उसे खोल नहीं पाए। कुछ समय तक तो वह खेलते रहे, लेकिन जब कार का दरवाजा नहीं खुला तो शायद दम घुटने से बेहोश हो गए। हो सकता है कि भूख-प्यास के चलते उनकी मौत हो गई हो। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही हर पहलू पर जांच कर रही है।
पुलिस ने कई बार खोला कार का लॉक
पुलिस ने कार के लॉक को कई बार खोलकर देखा। एकाध बार तो वह बिना अटके ही खुल गया जबकि कई बार अटक भी गया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि शायद बच्चे कार का दरवाजा नहीं खोल पाए।
बच्चों की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी, हरिद्वार
एफएसएल देहरादून की टीम ने दो घंटे तक जुटाए सुबूत
मासूम बच्चों की मौत के मामले में नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) देहरादून की टीम सोमवार सुबह 11 बजे हरिद्वार पहुंची और घटनास्थल पर दो घंटे तक छानबीन की। टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए। वहीं, रविवार रात हरिद्वार की एफएसएल टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे।
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर महदूद में कार में दो चचेरे मासूम भाइयों के शव मिलने की सूचना मिलने के बाद सीओ लाइन पूर्णिमा गर्ग और कोतवाल कुंदन सिंह राणा 16 घंटे तक घटनास्थल पर डटे रहे। सीओ पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह खुद मौके पर पहुंचीं। इस बीच रानीपुर कोतवाली कुंदन सिंह राणा भी मौके पर आ गए थे।
इसके बाद स्थानीय एफएसएल की टीम को बुलाया गया। टीम ने डेढ़ घंटे तक यहां से नमूने एकत्र किए और शवों को कार से निकाला गया। वहीं, सोमवार सुबह देहरादून से पहुंची एफएलएल की टीम ने भी नमूने एकत्र किए। टीम को कार के शीशों पर अंदर की तरफ से निशान भी मिले हैं। इसके साथ ही उनके साथ खेलने वाले अन्य बच्चों से भी पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब उन्होंने कार की खिड़की खुलवाने के बाद अंदर की तरफ देखा तो कार के सभी शीशे पूरी तरह लॉक थे।