Haridwar: बदरीनाथ की यात्रा पर निकले जितेंद्र त्यागी, कहा- हिजाब और खुले में नमाज पर रोक के लिए एक कानून जरूरी
वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी शुक्रवार को हरकी पैड़ी पहुंचे। उन्होंने संतों के साथ मां गंगा का पूजन किया। कहा कि घर वापसी (सनातन धर्म अपनाने) के बाद पहली धार्मिक यात्रा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी ने सनातन धर्म अपनाने के बाद अपनी पहली धार्मिक यात्रा शुक्रवार से शुरू कर दी है। हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन के बाद वह बदरीनाथ यात्रा पर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य एक देश एक कानून और जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग है। उन्होंने कहा कि एक देश एक कानून लागू होने से हिजाब, खुले में नमाज पढ़ना, सरकारी जमीनों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण जैसी गतिविधियां पर रोक लगेगी।
Char Dham Yatra 2022: पांच सालों में इस बार सबसे ज्यादा तीर्थयात्रियों की हुई मौत, 311 की गई जान, ये रही वजह
वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी शुक्रवार को हरकी पैड़ी पहुंचे। उन्होंने संतों के साथ मां गंगा का पूजन किया। कहा कि घर वापसी (सनातन धर्म अपनाने) के बाद पहली धार्मिक यात्रा है। यात्रा पर बदरीनाथ धाम तक जाएंगे। यात्रा पर निकलने से पूर्व जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने कहा कि भारत में बहुसंख्यक आबादी सनातन धर्म के मानने वालों की है। भारत का पड़ोसी मुल्क सनातन धर्म को मिटाने और गजवा ए-हिंद का ख्वाब देखते हुए भारत में आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के ही कुछ देशद्रोही प्रवृत्ति के संगठन और व्यक्ति पड़ोसी मुल्क का साथ देकर कई तरह के जिहाद चला रहे हैं। इससे भारत को भविष्य में बड़ाखतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा का उद्देश्य एक देश एक कानून और जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग है। कहा कि एक देश एक कानून भारत में जरूरी हो गया है।
भारत में कुछ धर्म अपने रीति-रिवाज की आड़ में भारतीय संविधान को दरकिनार कर धार्मिक कानून चला रहे हैं। इससे समाज में कई तरह की गंभीर परेशानियां पैदा हो रही हैं। हिजाब, खुले में नमाज पढ़ना, सरकारी जमीनों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण, वक्फ एक्ट का लाभ उठाकर कानूनी तरीके से इस्लामीकरण मुख्य है। सभी नागरिकों के लिए एक जैसा कानून जरूरी है। इस दौरान शांभवी आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप, दर्शन भारती आदि मौजूद रहे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.