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लखीमपुर खीरी केस: हरिद्वार पहुंची अस्थि कलश यात्रा, गंगा में विसर्जित हुई मृतक किसानों की अस्थियां
Sat, 23 Oct 2021 08:33 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 23 Oct 2021 08:33 PM IST
सार
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में गाड़ियों के नीचे कुचलने से मृत्यु हो गई थी।
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अस्थि कलश यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों और पत्रकार की अस्थियां गंगा में पूजा अर्चना और विधि विधान के साथ विसर्जित कर दी गईं। इस दौरान किसानों ने किसान विरोधी भाजपा सरकार को देश और प्रदेश से उखाड़ने का संकल्प भी लिया।
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लखीमपुर खीरी में किसान गुुरविंदर सिंह, दलजीत सिंह, लवप्रीत सिंह, नक्षत्र सिंह और पत्रकार रमन कश्यप की मौत हो गई थी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से किसानों और पत्रकार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के लिए अस्थि कलश यात्रा 20 अक्तूबर से शुरू की गई थी।
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शनिवार को जनपदभर में अस्थि कलश यात्रा दीनारपुर गुरुद्वारा से पुल जटवाड़ा, आर्यनगर ज्वालापुर, ऋषिकुल तिराहे से होते हुए वीआईपी घाट पर पहुंची। जहां किसानों और पत्रकार की अस्थियों पर अरदास और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद हरकी पैड़ी पर किसानों और पत्रकार की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों का उत्पीड़न करने लगी हुई है।
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जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों से भी किसानों की अस्थि कलश आने थे, लेकिन कुमाऊं मंडल में आई दैवी आपदा के चलते अस्थियां नहीं आ सकी हैं। उन्हें अब एक नवंबर के बाद गंगा में विसर्जित किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश महासचिव चौधरी रवि कुमार, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, रामपाल सिंह, चौधरी सुकरमपाल सिंह, सुब्बो सिंह ढिल्लो, कुलवंत सिंह, दलबीर सिंह, सरदार निशान सिंह, जस्सा सिंह, हरेंद्र बालियान, कृपाल सिंह रावत, रणवीर सिंह चौहान, देवी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
शहीद किसानों को दी श्रद्धांजलि
पथरी। गांव दीनारपुर में गुरुद्वारे में लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों व पत्रकार के अस्थि कलश पर लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अस्थियां विसर्जन के लिए हरिद्वार के लिए रवाना हुई। इस मौके पर किसान नेता धर्मेंद्र चौधरी और शुभम चौधरी ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार को किसानों की बात माननी ही पड़ेगी। इस मौके पर सूबा सिंह ढिल्लो, अनूप सिंह सिध्दू, विक्रम सिंह, संजय सिंह, पवन सिंह, हरदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरभजन सिंह, साहब सिंह, गुरदीप सिंह आदि मौजूद रहे।