{"_id":"5de09bc48ebc3e549a775b0c","slug":"haridwar-mobile-phone-found-again-in-district-jail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरिद्वार: जिला जेल में फिर मिला मोबाइल फोन, जेल अधीक्षक ने दर्ज कराया मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिद्वार: जिला जेल में फिर मिला मोबाइल फोन, जेल अधीक्षक ने दर्ज कराया मुकदमा
Fri, 29 Nov 2019 09:47 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 29 Nov 2019 09:47 AM IST
सार
- बैरक संख्या चार से बरामद होने का दावा,
- अब सिम कार्ड खंगालेगी पुलिस, जानेगी किस किस से हुई बात
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला जेल में मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला जारी है। बुधवार की शाम को भी जेल में एक मोबाइल फोन मिलने पर हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक अशोक कुमार ने इस संबंध में सिडकुल थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जेल अधीक्षक अशोक कुमार ने सिडकुल थाना पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। बताया कि बुधवार की शाम वह रोजाना की तरह सामान्य चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बैरक संख्या चार में सफेद रंग का एक मोबाइल फोन मिला। फोन के अंदर सिम कार्ड भी मौजूद था और बाकायदा बैट्री भी लगी हुई थी।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक ने आईजी जेल पीवीके प्रसाद को इस संबंध में जानकारी दी। एसओ प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि जेल अधीक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सिम कार्ड को खंगाला जाएगा ताकि पता चल सके कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल किस किस शख्स से बात करने में हो रहा था।
विज्ञापन
जिला जेल में चेकिंग की खुली पोल
जेल के मुख्यद्वार पर कैसे चेकिंग होती है, इसकी पोल लगातार खुल रही है। धड़ाधड़ मोबाइल फोन मिल रहे हैं। जाहिर है कि चेकिंग को बस ‘निपटाया’ जा रहा है।
हरिद्वार जेल बंटोर रही सुर्खियां
जिला जेल किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियां बंटोर रही है लेकिन जेल के एक भी अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। नतीजतन ढील बदस्तूर जारी है। यह आलम तब है कि जब कारागार महकमा सीएम के अधीन है और अब तो जेल की कमान आईएएस नहीं बल्कि आईपीएस के हाथ में कई साल से है। लेकिन तब भी हालात सुधर नहीं रहे है।
हरिद्वार जेल बंटोर रही सुर्खियां
जिला जेल किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियां बंटोर रही है लेकिन जेल के एक भी अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। नतीजतन ढील बदस्तूर जारी है। यह आलम तब है कि जब कारागार महकमा सीएम के अधीन है और अब तो जेल की कमान आईएएस नहीं बल्कि आईपीएस के हाथ में कई साल से है। लेकिन तब भी हालात सुधर नहीं रहे है।