कुंभ मेला 2021: अखाड़ों में संन्यास दीक्षा पर कोरोना का साया, विदेशी श्रद्धालुओं ने भी नहीं किया संपर्क
- देशभर से संन्यास की दीक्षा लेने वालों की संख्या कम रहने की आशंका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड-19 का असर हरिद्वार कुंभ की अवधि और स्वरूप पर हीं नहीं बल्कि संन्यास दीक्षा संस्कार पर भी पड़ेगा। महाकुंभ में संन्यास की दीक्षा के लिए अभी तक किसी विदेशी ने अखाड़ों से संपर्क नहीं किया है। देशभर से भी संन्यास की दीक्षा लेने वालों की संख्या कम रहेगी।
महाकुंभ संन्यास की दीक्षा का सबसे बड़ा पर्व होता है। सनातन धर्म पर आस्था रखने वाले हजारों लोग दीक्षा लेते हैं। इनमें कई विदेशी भी शामिल होते हैं। संन्यास दीक्षा दिलाने की हर अखाड़ा की अपनी परंपरा है। कोई अखाड़ा 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही दीक्षा देता है तो कोई अखाड़ा दीक्षा से पहले कड़ी परीक्षा लेता है।
माघ पूर्णिमा स्नान 2021: तीन दिन हरिद्वार में भारी वाहनों की एंट्री बैन, लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना
संन्यास की दीक्षा के बाद अखाड़ों के अधीन रहते हुए देशभर में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करते हैं। लेकिन हरिद्वार महाकुंभ पर कोरोना का साया है। विदेशियों के आने की उम्मीद नहीं हैं। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के कड़े मानक होने से देशभर से भी संन्यास की दीक्षा लेने वालों की संख्या कम होगी।
श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने बताया महाकुंभ में 600 लोग संन्यास की दीक्षा लेंगे। 16 साल से 50 साल की उम्र के लोगों को ब्रह्मचारी और नागा बनाकर संन्यास दिलाया जाएगा। विदेशी नहीं आ रहे हैं।
18 साल से अधिक उम्र वालों को संन्यास (तंग तोड़) की दीक्षा दी जाएगी
श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा के मुखिया दक्षिण पंगत महंत भगतराम के मुताबिक महाकुंभ में 18 साल से अधिक उम्र वालों को संन्यास (तंग तोड़) की दीक्षा दी जाएगी। इनकी संख्या करीब 100 से अधिक होगी। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी अखाड़ा में सर्वाधिक लोगों को संन्यास की दीक्षा मिलेगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी के मुताबिक संन्यास दीक्षा लेने वालों का पुष्ट आंकड़े अभी नहीं हैं। लेकिन नाबालिग को दीक्षा नहीं दी जाएगी।
महानिर्वाणी और श्री निरंजनी में बनेंगे 27 महामंडलेश्वर
महाकुंभ में श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के 12 महामंडलेश्वर भी बनाए जाएंगे। ब्राह्मण और क्षत्रिय ही महामंडलेश्वर बनाए जाएंगे। अखाड़ा में अभी 54 महामंडलेश्वर हैं। जबकि श्रीमहंत और महंतों की संख्या आठ-आठ हैं। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि उनके अखाड़ों से 15 महामंडलेश्वर भी बनाए जाएंगे। अभी इनकी संख्या पांच सौ है।