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हरिद्वारः महाकुंभ में आएंगे शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती, आठ अप्रैल को निकाली जाएगी शोभायात्रा

Sun, 14 Mar 2021 07:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 14 Mar 2021 07:48 PM IST
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haridwar maha kumbh 2021 news: Shankaracharya Swaroopanand Saraswati will come in Mahakumbh
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

श्रद्धालुओं के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म करने और शंकराचार्यों, अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन कराए जाने के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के फैैसले के बाद संतों ने दिव्य-भव्य महाकुंभ की तैयारियां तेज कर दी हैं। ज्योतिर्पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का हरिद्वार महाकुंभ में आने का कार्यक्रम जारी हो गया है।

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शंकराचार्य छह अप्रैल को हरिद्वार पहुंचेंगे और आठ अप्रैल को उनकी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 12 अप्रैल के शाही स्नान से पहले पुरी पीठाधीश्वर और अन्य शंकराचार्यों के प्रतिनिधियों के भी हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
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रविवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में अमर उजाला से खास बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में संत और शंकराचार्य गंगा किनारे कुटिया में रहते आए हैं।

संतों और शंकराचार्यों के लिए भूमि आवंटन का फैसला स्वागत योग्य है। नए सीएम ने सनातन धर्म की परंपरा को समझा। अब जल्द से जल्द गंगा किनारे छावनियां बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छह अप्रैल को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दिल्ली से मेरठ होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे।

कुंभ की अवधि स्पष्ट होनी चाहिए

उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आठ अप्रैल को अखाड़ों और संतों की ओर से उनकी ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होेेंने बताया कि पुरी पीठ के पीठाधीश्वर से भी वार्ता हो गई है। उन्होंने भी अप्रैल में हरिद्वार पहुंचने की सहमति दी है। श्रद्धालुओं के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म करने के फैसले की भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर में मेले हो रहे हैं। चुनावी प्रचार और कार्यक्रम हो रहे हैं, लेकिन हरिद्वार के लिए बंदिश लगाना कतई उचित नहीं था। संत कोविड नियमों का पालन करेंगे और श्रद्धालुओं को भी प्रेरित करेंगे। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुंभ अवधि को लेकर भी विरोधाभाष है। यदि कुंभ एक अप्रैल से शुरू होगा तो 11 मार्च को महाशिवरात्रि का स्नान शाही कैसे हो सकता है। महाकुंभ की अवधि को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वैसे भी कुंभ अंग्रेजी साल की पहली तारीख से नहीं बल्कि पंचांग के अनुसार होता है।

छवि बचाने के लिए बदला सीएम

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की छवि जनता के बीच तानाशाह के रूप में हो गई थी। नौकरशाही हावी होने से सरकार की छवि प्रभावित हो रही थी। भाजपा नेतृत्व ने सरकार की छवि बचाने के लिए व्यक्ति को हटाना बेहतर समझा और सीएम बदले गए।

जोशीमठ में 25 करोड़ से बनेगा अस्पताल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जोशीमठ में उनके ट्रस्ट की ओर से 100 बेड का अस्पताल बनाया जाना है। इसके लिए सरकार से जमीन मांगी थी, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अब जन सहयोग से अस्पताल बनाया जाएगा। सोमवार को जमीन की तलाश में जोशीमठ जाएंगे और जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरू होगा। 25 करोड़ की लागत के अस्पताल में 50 बेड प्रसूता और गर्भवती के लिए आरक्षित होंगे।

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