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हरिद्वार: तीन फार्मा कंपनियों में पकड़ी गई 11 करोड़ की कर चोरी, सैनिटाइजर की बिक्री में किया खेल
Wed, 09 Sep 2020 12:04 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/भगवानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/भगवानपुर
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:04 AM IST
सार
- राज्य कर विभाग संयुक्त आयुक्त की कार्रवाई में हुआ खुलासा
- कोरोना महामारी में सेनिटाइजर की बिक्री में किया गया खेल
- सिडकुल और भगवानपुर क्षेत्र की तीनों फार्मा कंपनी
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टैक्स
- फोटो : pixabay
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विस्तार
उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने हरिद्वार की तीन फार्मा कंपनियों में 11 करोड़ की कर चोरी पकड़ी है। तीनों कंपनियों ने सैनिटाइजर की बिक्री में यह चोरी की है। आरोप है कि कंपनी ने महामारी के दौरान सैनिटाइजर की ब्रिकी का ब्योरा राज्यकर विभाग को नहीं दिया। कर विभाग ने जांच पड़ताल की तो यह सनसनीखेज खुलासा हुआ।
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हरिद्वार जिले में मंगलवार को कर चोरी का बड़ा मामला प्रकाश में आया। हरिद्वार जोन के अपर आयुक्त अनिल सिंह और संयुक्त आयुक्त सुनीता पांडेय ने कर चोरी के संदेह को लेकर हरिद्वार की तीन कंपनियों की जांच पड़ताल की।
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इसमें सिडकुल की एक बड़ी फार्मा कंपनी और भगवानपुर की दो फार्मा कंपनियां शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ कोविड महामारी के दौरान तीनों कंपनियां सैनिटाइजर की ब्रिक्री कर रही थी। प्राथमिक जांच में पाया गया कि कोरोना महामारी के दौरान इन कंपनियों ने 86 करोड़ के सैनिटाइजर की बिक्री की।
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जिस पर तीनों कंपनी 11 करोड़ टैक्स की बात सामने आई है। गलती मानते हुए कंपनी संचालकों ने 90 लाख का टैक्स सरेंडर कर दिया है। अभी जांच प्रक्रिया जारी है। राज्य कर विभाग की कार्रवाई में उपायुक्त मनीष मिश्रा, अभय कुमार पांडेय, धर्मेंद्र राज चौहान, सहायक आयुक्त नेहा मिश्रा, रजनीकांत शाही, पूनम राजपूत, राज्यकर अधिकारी अविनाश कुमार झा, रधुवीर सिंह चौहान, शिखा तोमर, विंध्याचल कुमार, राज्य कर निरीक्षक दिनेश कुमार, हेमा नेगी पुंडीर शामिल रहे।