हरिद्वार: बिजली गिरने की घटना के बाद हरकी पैड़ी पर अब आधुनिक तरीके से बनेगी दीवार: मदन कौशिक
हरिद्वार में बिजली गिरने की घटना के बाद अब हरकी पैड़ी की दीवार को राज्य सरकार बनवाएगी। इसके लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने दीवार का डिजायन और अन्य प्रक्रिया कराने के लिए गंगा सभा, मेला एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आधुनिक डिजाइन से दीवार का निर्माण होगा।
मंगलवार की सुबह तड़के हरकी पैड़ी की दीवार गिरते ही अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मेयर अनीता शर्मा, मेला आईजी संजय गुंज्याल, डीएम सी रविशंकर हरकी पैड़ी पहुंचे और जानकारी ली। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि दीवार का निर्माण शीघ्रता के साथ और आधुनिक तरीके से किया जाएगा।
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उन्होंने अधिकारियों को दो दिन के अंदर इस पूरी दीवार निर्माण सहित संपूर्ण हरकी पैड़ी क्षेत्र का जो सौंदर्यीकरण होना है उसका एस्टिमेट बनाकर देने को कहा। इस मौके पर गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, वीरेंद्र तिवारी, विकास तिवारी, पार्षद श्रुति खेवड़िया, कन्हैया केवड़िया, सुनील अग्रवाल, तरुण नैयर आदि मौजूद रहे। दूसरी तरफ गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने फोन पर पूरी जानकारी ली।
मेयर ने भी किया निरीक्षण
मेयर अनीता शर्मा ने भी हरकी पैड़ी पहुंचकर निरीक्षण किया और मलबा उठाने का काम शुरू करवाया। उन्होंने नगर निगम से हर संभव काम कराने का आश्वासन दिया। मेयर ने कई क्षेत्रों में कई स्थानों पर निरीक्षण किया। इस मौके पर अशोक शर्मा, अमन गर्ग, सुनील कड़च्छ, पुनित कुमार, हन्नी अग्रवाल आदि शामिल रहे।
85 साल पुरानी थी दीवार
हरकी पैड़ी के पास बिजली के खंभे और बिजली की भूमिगत लाइन के रिंग मेन यूनिट बॉक्स पर वज्रपात होने से उससे सटी 1935 में बनी दीवार का करीब बीस मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वज्रपात का धमाका इतना तेज था कि रिंग मेन यूनिट बॉक्स के परखच्चे उड़ गए।
दीवार की ईंटों के भी टुकड़े टुकड़े हो गए। दीवार का मलबा गंगा घाट से होते हुए ब्रह्मकुंड तक पहुंच गया। गनीमत रही कि हादसा में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ संतों ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। गंगा घाट पर फैले मलबा को देर शाम तक हटा दिया गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात दो बजे हरिद्वार और आसपास के इलाके में बारिश शुरू हो गई थी। तड़के साढ़े तीन बजे के आसपास बिजली कड़कने के साथ तेज धमाके की आवाज हुई। तेज आवाज सुनकर हरकी पैड़ी पुलिस चौकी पर ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मी बाहर निकले तो घटना का पता चला।
पुलिस चौकी से लगी दीवार का कुछ हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली की भूमिगत लाइन का रिंग मेन यूनिट बॉक्स के भी परखच्चे उड़े थे। वज्रपात के धमाके का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इतनी पुरानी दीवार की ईंटों के भी कई टुकड़े हो गए और गंगा घाट पर बिखर गए। दीवार का कुछ मलबा ब्रह्मकुंड तक पहुंच गया।
सूचना पर रात को ही शहर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह और चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी मौके पर पहुंचे। किसी तरह के जानमाल के नुकसान नहीं होने पर राहत की सांस ली। शहर कोतवाली प्रभारी ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। रात खुलते ही यह खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई।
मंगलवार सुबह एसडीएम कुश्म चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रम्हचारी, ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, स्वामी हरिचेतनानंद, श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा घाट और ब्रह्मकुंड में फैले मलबे को साफ करवाना शुरू करवाया। देर शाम तक गंगा घाटों पर फैले मलबे को साफ कर दिया था।
सोशल मीडिया पर अलग अलग टिप्पणी करते रहे लोग
हरकी पैड़ी पर आकाशीय बिजली गिरने को लेकर तरह तरह की टिप्पणी सोशल मीडिया पर दिनभर होती रही। कोरोना काल में हुए इस हादसे को लेकर कोई ईश्वर की नाराजगी से जोड़कर टिप्पणी करता रहा तो किसी ने लिखा कि सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने से रोकने का यह नतीजा है। कोई वर्ष 2020 को बेहद ही कष्टकारी बताकर अपनी बात रखता नजर आया। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हटसअप, ट्वीटर पर दिनभर हरकी पैड़ी ही छाई रही।
देशभर में फैली खबर
विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी की दीवार गिरने के बाद पूरे देश में यह खबर फैल गई। देश और विदेश में रहने वाले लोग अपने परिचितों से जानकारी जुटाते रहे। पुलिस अफसरों के फोन भी दिन भर घनघनाते रहे। जानकारी के अनुसार देशभर के पुलिस अफसर भी यहां के अफसरों से संपर्क साधते रहे।