गुरुकुल पर कब्जे को धक्का-मुक्की व मारपीट, विधायक यतीश्वरानंद और दूसरा पक्ष बैठे धरने पर
- महाविद्यालय में अंतरंग सभा के पदाधिकारियों के बीच बढ़ता जा रहा विवाद
- विधायक यतीश्वरानंद और दूसरा पक्ष एक दूसरे खिलाफ बैठे धरने पर
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गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर की अंतरंग सभा के पदाधिकारियों के बीच खड़ा हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का मुक्की और मारपीट तक हुई। सभा के उपमंत्री पक्ष अधिष्ठाता कक्ष में तो सभा का मंत्री पक्ष सत्ताधारी विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के साथ कक्ष के बाहर धरने पर डटे रहे। एसडीएम कुश्म चौहान ने दो दिन पूर्व की स्थिति को कायम कराते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया।
बुधवार को अंतरंग सभा के उप मंत्री अनिल गोयल के पक्ष से जुड़े लोग महाविद्यालय के मुख्य कार्यालय का ताला तोड़कर इसमें काबिज हो गए। विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी तैनात कर दी थी।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे सभा के मंत्री विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, अधिष्ठाता बलवंत सिंह चौहान अपने समर्थकों के साथ गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचे तो मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा मिला। वे छोटे गेट से अंदर जाने लगे तो वहां पर पहले से ही अंदर परिसर में मौजूद अनिल गोयल के समर्थकों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए।
स्वामी के समर्थकों ने गोयल के समर्थकों को खदेड़ दिया और अंदर चले गए। इस दौरान मारपीट भी हुई। स्वामी यतीश्वरानंद मुख्य कार्यालय पहुंचे तो वहां पर पहले से मौजूद पांच लोग अधिष्ठाता कक्ष में बैठ गए। स्वामी समर्थकों ने उन्हें निकालने का प्रयास किया तो वहां पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
विधायक समर्थकों के साथ कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई बार स्वामी के समर्थकों ने अंदर कक्ष में जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोके रखा। विधायक के समर्थकों की संख्या बढ़ने पर पथरी, ज्वालापुर, कनखल, रानीपुर, नगर कोतवाली की पुलिस के साथ सीओ सिटी व सीओ पथरी भी पहुंच गए।
बाहर निकलते ही गोयल समर्थकों को पीटा
सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे अधिष्ठाता कक्ष के अंदर मौजूद पांच लोगों में से पूर्व अधिष्ठाता यशपाल बाहर निकलने लगे तो बाहर बैठे स्वामी के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। अपने को घिरता देख वह अंदर जाने लगे तो उनके साथ मारपीट कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। पुलिसकर्मियों ने मामला संभाला।
विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को पिछले साल मंत्री पद से निष्कासित कर दिया था। बाद में स्वामी हाईकोर्ट गए, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अब वह बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं और विधायक पद का दुरुपयोग करते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावित कर रहे हैं।
- अनिल गोयल, उपमंत्री अंतरंग सभा
कुछ लोग महाविद्यालय की करीब 400 बीघा भूमि को खुदबुर्द करने में लगे हुए हैं। कुछ लोग शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मिलकर षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन आर्यसमाज की धरोहर को खुदबुर्द नहीं होने देंगे। सबसे बड़ी बात सभा के संविधान के अनुसार पांच साल तक कोई पदाधिकारी नहीं हटाया जा सकता।
-स्वामी यतीश्वरानंद, मंत्री, अंतरंग सभा