यहां प्लास्टिक के कचरे से बनेगा खूबसूरत फर्नीचर, केंद्र ने जारी किए तीन करोड़
- सिडकुल में नौ को केंद्रीय मंत्री करेंगे प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट का शिलान्यास
- ऐसा पहला सरकारी प्लांट होने का दावा
- केंद्र ने जारी की तीन करोड़ की धनराशि
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पर्यावरण के साथ ही आम लोगों और पशुओं के लिए मुसीबत का सबब बने प्लास्टिक के कचरे से अब खूबसूरत और आकर्षक सामान बनाने की तैयारी है। केंद्र का पंचायती राज विभाग सिडकुल में प्लास्टिक री साइक्लिंग प्लांट लगाने जा रहा है।
इसके लिए तीन करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। सिडकुल से सटे राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास जमीन भी आवंटित कर दी गई है। आने वाली नौ फरवरी को केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इसका शिलान्यास करेंगे।
दावा किया जा रहा है कि यह देश का पहला सरकारी प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट होगा। पंचायती राज विभाग के निदेशक हरिचंद सेमवाल ने बताया कि सभी तरह के प्लास्टिक का अलग अलग चिह्नीकरण करके उसका निस्तारण यहां किया जाएगा।
इसलिए चुना गया है सिडकुल को
सेमवाल के मुताबिक प्लांट में ऐसी मशीनें लगेंगी, जिनके माध्यम से प्लास्टिक को अलग अलग छांटकर पहले उसका कच्चा दाना तैयार किया जाएगा और कच्चे दाने से प्लास्टिक का ऐसा ठोस माल तैयार किया जाएगा जो कुर्सी, मेज, डबलबेड, प्लास्टिक के दरवाजे आदि सामान बनाने के काम आएगा।
पंचायती राज विभाग के निदेशक के अनुसार सिडकुल के आसपास के क्षेत्र को प्लांट के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि यहां फैक्ट्रियों से काफी प्लास्टिक वेस्टेज निकलता है।
आसपास के गांवों को भी मिलेगा लाभ
यह प्लांट आसपास की ग्राम पंचायतों सलेमपुर, रावली महदूद, आन्नेकी, औरंगाबाद, बहादराबाद तथा आसपास के क्षेत्र की ग्राम सभाओं में निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे का भी निस्तारण करेगा। शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी बड़े पैमाने पर की जा रही है।
- रमेश चंद त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी