हरक का पूर्व सीएम पर हमला, बेनामी संपत्ति रखने का आरोप
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पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधा है। उन्होंने हरीश रावत पर खनन, बेनामी संपत्ति, आबकारी जैसे मसलों पर दोषी होने का आरोप लगाया। उनके खिलाफ जांच इत्यादि के मामले पर उन्होंने कहा कि हरीश रावत को समझना चाहिए कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।
शनिवार को देहराखास में निर्माणाधीन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि मैं खुली किताब की तरह हूं। हरीश रावत चाहें तो मेरी जांच करवा सकते हैं।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के मंत्रियों की संपत्ति की जांच करने संबंधी बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। हरीश रावत के नोएडा स्थित पेट्रोल पंप और कुमाऊं के कॉलेज की भी जांच होनी चाहिए।
करोड़ों की गड़बड़ी का लगाया आरोप
खनन के खेल में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद खनन से रोजाना होने वाली करोड़ों की आय इस खेल से पर्दा उठाने के लिए काफी है।
आरोप लगाया नदियों पर मुख्यमंत्री और चहेते मंत्रियों के नाम पर बैरियर बनाकर अवैध वसूली का खेल चल रहा था। आबकारी नीति के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद शराब के शौकीनों को मनपसंद ब्रांड मिल पाए हैं।
जो भी होगा अच्छा होगा
हरक सिंह समेत बागी विधायकों की रणनीति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आज मेरे घर पर सभी विधायकों की मीटिंग हुई है। जल्दबाजी में किसी तरह का निर्णय नहीं लिया जाएगा। जो भी होगा वह सब अच्छा होगा।
मेडिकल कॉलेज निर्माण का लिया जायजा
प्रदेश में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शनिवार को पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने निर्माणाधीन दून मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लेने के बाद प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ा मामला होने के कारण वह किसी तरह की जिम्मेदारी ना होने के बावजूद कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे रावत और उनियाल अचानक देहराखास स्थित दून मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंचे। उनके मेडिकल कॉलेज पहुंचने की सूचना प्राचार्य, चिकित्साधीक्षक समेत किसी अधिकारी को नहीं मिली। उन्होंने बायो केमिस्ट्री लैब, लेक्चर हॉल, ह्यूमन आनोटामी लैब और पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दवा और अन्य संसाधनों की कमी पर राज्यपाल और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से बातचीत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिस स्तर का काम हुआ है, उससे पहली लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) मिलने की उम्मीद है।