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'शराबी नहीं रख सकता गुरु-ग्रंथ साहिब'
अमर उजला, देहरादून
Updated Thu, 19 Sep 2013 11:25 AM IST
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अकाल तख्त की ओर से हुए आदेश के बाद दून का सिख समाज अभियान चलाने को मुखर हो गया है। बुधवार को तख्त की ओर से आदेश दिया गया कि सिख समाज का कोई भी व्यक्ति यदि शराब पीता है तो उसे घर में गुरु-ग्रंथ साहिब रखने का अधिकार नहीं है। दून के सिखों ने इसका स्वागत किया और शहर में भी अभियान चलाए जाने की बात कही।
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जब आप किसी भी मंदिर या गुरुद्वारे में शराब लेकर नहीं जा सकते हैं तो फिर घर में भला कैसे धार्मिक पुस्तके रखकर शराब पी सकते हैं। यह तो परमेश्वर का निरादर है। लोगों को ऐसा करने से रोका जाएगा।
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भूटा सिंह, हैड ग्रंथी, सिंह सभा, आढ़त बाजार
अकाल तख्त के आदेशों का स्वागत करते हैं। यदि हमें इस तरह की कोई भी सूचना मिलती है तो हम लोगों के घर पहुंच जाएंगें और तुरंत वहां से गुरु ग्रंथ साहिब ले आएंगे। शराब पीने वाले लोगों को ग्रंथ रखने का अधिकार नहीं।
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गुरमीत सिंह दुग्गल, अध्यक्ष, पटेलनगर गुरुद्वारा
अकाल तख्त का आदेश हमारे लिए मान्य है। हम सभी गुरुद्वारे आपस में बैठकर इस बारे में रणनीति तय करेंगे। अब आगे क्या करना है, किस तरह से लोगों को शराब पीने से रोका जाए, इसे लेकर योजना बनाएंगे।
बलदेव सिंह साहनी, उपाध्यक्ष, रेसकोर्स गुरुद्वारा
अकाल तख्त की ओर से आया आदेश बिल्कुल सही है। इसे सभी को मानना चाहिए। हम अपनी तरफ से पहल करते हुए गुरुद्वारे में इसे अनाउंस करेंगे और लोगों को शराब छोड़ने के लिए जागरूक करेंगे।
जीएस कोहली, महासचिव, गुरुद्वारा दिलाराम बाजार