फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Guidelines issued for meetings: practice of tea-bouquet ends in meetings, Uttarakhand news

Guidelines Issued for Meetings: जिला हो या शासन, बैठकों में चाय-बुके का चलन खत्म, पढ़ें ये नए दिशानिर्देश

Thu, 14 Jul 2022 08:33 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 14 Jul 2022 08:33 AM IST
सार

मुख्य सचिव डॉ. संधू ने कहा कि बुके भेंट करने या स्वागत की लंबी प्रक्रिया में समय बर्बाद न किया जाए। संक्षिप्त स्वागत संबोधन के साथ सीधे बैठक के एजेंडा पर चर्चा शुरू की जाए। एजेंडा से संबंधित प्रस्तुतिकरण को बुलेट प्वाइंट, ग्राफिक्स, सांकेतिक छाया चित्र और न्यूनतम आंकड़ों के साथ तैयार किया जाए।

विज्ञापन
Guidelines issued for meetings: practice of tea-bouquet ends in meetings, Uttarakhand news
बैठक लेते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

अब जिला हो या शासन, सरकारी बैठकों के कुछ कायदे होंगे। अधिकारियों की हीलाहवाली और आधी-अधूरी तैयारी से बैठक में आने के सिलसिले पर रोक लगेगी। दूसरी ओर, बैठकों के समय का सदुपयोग करने के लिए चाय, बुके जैसी परंपराओं पर भी रोक होगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने बुधवार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए।

विज्ञापन


मुख्य सचिव डॉ. संधू के मुताबिक, यह देखने में आ रहा है कि बैठक के आयोजक विभाग की ओर से पहले से तैयारियां नहीं की जाती। मुख्य अतिथि, अध्यक्ष और अन्य प्रतिभागियों को बुके भेंट करने, स्वागत करने में काफी समय बर्बाद किया जाता है। नियत समयावधि में एजेंडे के हिसाब से बिंदुवार बातचीत पूरी नहीं हो पाती। इसके लिए ही उन्होंने कुछ निर्देेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव डॉ. संधू ने कहा है कि किसी भी बैठक की पहले से पूरी तैयारियां होनी चाहिए।
विज्ञापन


बैठक में बुके भेंट करने या स्वागत की लंबी प्रक्रिया में समय बर्बाद न किया जाए। संक्षिप्त स्वागत संबोधन के साथ सीधे बैठक के एजेंडा पर चर्चा शुरू की जाए। एजेंडा से संबंधित प्रस्तुतिकरण को बुलेट प्वाइंट, ग्राफिक्स, सांकेतिक छाया चित्र और न्यूनतम आंकड़ों के साथ तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कम अवधि की बैठकों में जलपान में भी काफी समय व्यर्थ होता है, इसे रोका जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें...Dress Code: खाकी वर्दी में ड्राइवर और स्लेटी रंग की वर्दी में दिखेंगे कंडक्टर, चंडीगढ़ विवाद से विभाग ने लिया सबक

इसके बाद बैठक स्थल के बाहर चाय, पानी का इंतजाम किया जाए ताकि अगर किसी को जरूरत लगे तो वह बाहर जाकर चाय पी सके। उन्होंने यह भी कहा है कि निर्धारित समयावधि में बैठक करने के अगले दिन हर हाल में कार्यवृत्त जारी किया जाए। उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सचिव प्रभारी, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed