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जीएसटी : चार जिलों में आठ विनिर्माण फर्मों पर छापा
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-देहरादून, हरिद्वार, चमोली और काशीपुर में राज्य कर विभाग ने की कार्रवाई
-प्रारंभिक जांच में चार करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य कर विभाग की केंद्रीय अन्वेषण इकाई (सीआईयू) ने चार जिलों में जीएसटी चोरी में संलिप्त आठ विनिर्माण फर्मों पर छापा मारा। फर्जी फर्मों से माल खरीद दिखा कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगा रहे थे। प्रारंभिक जांच में चार करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई। दो फर्मों ने कार्रवाई के दौरान ही 50 रुपये का टैक्स जमा कराया है।
राज्य कर आयुक्त सोनिका के दिशा-निर्देश पर सीआईयू टीम ने देहरादून, चमोली, हरिद्वार व काशीपुर में वर्क कांट्रेक्टर व विनिर्माण कार्य कर रही आठ फर्मों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर कार्रवाई की। विभागीय टीम ने कार्रवाई के दौरान फर्मों के जीएसटी रिटर्न व ई-वे बिल की जांच की। जिसमें पाया गया कि हरिद्वार जिले के जगजीतपुर कनखल के पास एक फर्म मालिक ने आईटीसी का लाभ लेने के लिए फर्जी फर्मों की चेन बनाई। फर्जी फर्मों से माल की खरीद दर्शाया गया। जबकि वास्तविक रूप से माल नहीं खरीदा गया। जीएसटी रिटर्न में आईटीसी का क्लेम किया गया।
फर्म मालिक ने फर्जी फर्मों से माल खरीद दिखाकर अन्य कांट्रेक्टर फर्मों को कमीशन के आधार पर बिल उपलब्ध कराया। इन बिलों से विनिर्माण फर्मों ने टैक्स देयता को समायोजित किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कांट्रेक्टर फर्मों ने तीन से पांच प्रतिशत कमीशन पर बिल खरीद कर आईटीसी का लाभ लेकर सरकार को चार करोड़ का राजस्व की चपत लगाई। राज्य कर विभाग ने जांच के दौरान कांट्रेक्टर फर्मों व बिल सप्लायर फर्म के कार्यालय से कारोबार के संबंधित दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किया है। इन फर्मों ने प्रदेश में अन्य फर्मों को भी फर्जी बिलों से माल की सप्लाई दर्शायी है। विभाग की ओर से इन फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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-प्रारंभिक जांच में चार करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य कर विभाग की केंद्रीय अन्वेषण इकाई (सीआईयू) ने चार जिलों में जीएसटी चोरी में संलिप्त आठ विनिर्माण फर्मों पर छापा मारा। फर्जी फर्मों से माल खरीद दिखा कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगा रहे थे। प्रारंभिक जांच में चार करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई। दो फर्मों ने कार्रवाई के दौरान ही 50 रुपये का टैक्स जमा कराया है।
राज्य कर आयुक्त सोनिका के दिशा-निर्देश पर सीआईयू टीम ने देहरादून, चमोली, हरिद्वार व काशीपुर में वर्क कांट्रेक्टर व विनिर्माण कार्य कर रही आठ फर्मों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर कार्रवाई की। विभागीय टीम ने कार्रवाई के दौरान फर्मों के जीएसटी रिटर्न व ई-वे बिल की जांच की। जिसमें पाया गया कि हरिद्वार जिले के जगजीतपुर कनखल के पास एक फर्म मालिक ने आईटीसी का लाभ लेने के लिए फर्जी फर्मों की चेन बनाई। फर्जी फर्मों से माल की खरीद दर्शाया गया। जबकि वास्तविक रूप से माल नहीं खरीदा गया। जीएसटी रिटर्न में आईटीसी का क्लेम किया गया।
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फर्म मालिक ने फर्जी फर्मों से माल खरीद दिखाकर अन्य कांट्रेक्टर फर्मों को कमीशन के आधार पर बिल उपलब्ध कराया। इन बिलों से विनिर्माण फर्मों ने टैक्स देयता को समायोजित किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कांट्रेक्टर फर्मों ने तीन से पांच प्रतिशत कमीशन पर बिल खरीद कर आईटीसी का लाभ लेकर सरकार को चार करोड़ का राजस्व की चपत लगाई। राज्य कर विभाग ने जांच के दौरान कांट्रेक्टर फर्मों व बिल सप्लायर फर्म के कार्यालय से कारोबार के संबंधित दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किया है। इन फर्मों ने प्रदेश में अन्य फर्मों को भी फर्जी बिलों से माल की सप्लाई दर्शायी है। विभाग की ओर से इन फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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