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उत्तराखंड में गंगा किनारे बसे गांव होंगे चकाचक
सोबन सिंह गुसांई /अमर उजाला,पौड़ी
Updated Sat, 04 Mar 2017 02:23 PM IST
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- फोटो : file photo
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उत्तराखंड में गंगा किनारे बसे गांवों की दशा को सुधारने के लिए कवायद शुरु हो गई है। गंगा और इसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से भारत सरकार गंगा किनारे बसे गांवों में सॉलिड और लिक्विड वेस्ट प्लांट शुरू करने जा रही है।
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पहले पड़ाव में सरकार की ओर से 20 गांव चयनित किए गए हैं। इन गांवों में परिवार के हिसाब से प्रोजेक्ट लगाने के लिए फंड जारी किया जाएगा। प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए 500 करोड़ की ग्रांट जारी की जाएगी। प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार हो चुकी है।
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इनमें द्वारीखाल ब्लाक से गांव किंसोर खिर्सू ब्लॉक में डुंगरीपंथ, कलियासौड़, मंडोली, रावाड़ी, श्रीकोट गंगानाली, कोट ब्लॉक में धौलकंडी, जनासू, जसपुर, खरखोला, खेरा, नौगांव, रामपुर, सिलसु, पौड़ी में उफल्ड़ा और यमकेश्वर ब्लॉक में जेड़, कोट, माला, नकुरची और नंद मल्ला शामिल हैं।
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इन सभी गांवों में करीब 4013 परिवार हैं। स्वजल प्रबंधक रामेश्वर चौहान ने बताया कि सॉलिड और लिक्विड वेस्ट प्रबंधन को लेकर चयनित गांवों के लोगों को बताया जा रहा है। चुनाव के बाद इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर भी बढे़गे, वहीं रिसाइकिलिंग प्लांट लगाकर मुनाफा मिलेगा।
फंड को लेकर नौ को होगी विडियो कांफ्रेंस
प्रोजेक्ट को लेकर नौ मार्च को वीडियो कांफ्रेंस होनी है। इसमें ब्लाक डेवलपमेंट अधिकारी, सीडीओ, डीपीआरओ, ईडी और मुख्य कृषि अधिकारी भी शामिल होंगे। वीडियो कांफ्रेंस में केंद्र सरकार की ओर से प्रोजेक्ट को लेकर खास दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। विभाग की ओर से प्रोजेक्ट के तहत तीन ग्रुप बनाए गए हैं, जिसमें पहाड़, सेमी पहाड़ व मैदान शामिल हैं। इन ग्रुपों में किस तरह से प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाना है, फंड की व्यवस्था कौन-कौन से विभाग से होनी है, इस संबंध में वीडियो कांफ्रेंस में बात की जाएगी।
इस तरह मिलेगा गांवों में बजट
परिवार संख्या कार्य योजना की लागत
150 परिवार 7 लाख रुपये
300 तक 12 लाख
500 तक 15 लाख
500 से अधिक 20 लाख