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Dehradun News: एक साल के लिए अनुदान पॉलिसी लागू, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ

Sat, 16 Mar 2024 01:23 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 01:23 AM IST
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Grant policy implemented for one
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2027 तक सभी पुराने डीजल चालित और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बदला जाएगा
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Iराजधानी में डीजल यात्री वाहनों को हटाकर उनके स्थान पर सीएनजी या इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की खरीद और अनुदान को लेकर शासनादेश में पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी गई है। कहा गया कि वर्ष 2027 तक उत्तराखंड के सिटी ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क से सभी पुराने डीजल चालित और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सीएनजी या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों में बदल दिया जाएगा। नया सीएनजी-इलेक्टि्रक वाहन खरीदने और पंजीकरण के बाद ही संचालकों को डीबीटी के जरिये अनुदान राशि खाते में भेजी जाएगी।
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Iपरिवहन सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी के अनुसार, देहरादून नगर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अनुमति से अन्य शहरों में चरणबद्ध तरीके से योजना को लागू किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए वाहन संचालक को उत्तराखंड राज्य से ही नया वाहन खरीदना होगा। उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति शासनादेश जारी होने के साथ लागू हो गई है। यह एक वर्ष के लिए वैध होगी। राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति समय-समय पर नीति का क्षेत्र विस्तार एवं समय सीमा में वृद्धि कर सकेगी। यह योजना परिवहन संचालकों को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगी।
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Iतीन दिन में प्रोत्साहन राशि आवेदक के खाते में आएगी
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Iअनुदान पाने के लिए उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन पोर्टल (यूसीएमटी पोर्टल) बनाया गया है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दस्तावेजों में स्वामित्व का प्रमाणपत्र, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, वैध परमिट, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर से प्राप्त वाहन स्क्रैपिंग का प्रमाणपत्र, बैंक ऋण प्रमाणपत्रों की कॉपी लगानी होगी। नए वाहन की लागत अनुमान (प्रोफार्मा चालान) प्रमाणपत्र जमा करना आवश्यक होगा। इसके साथ नए वाहन के स्वामित्व का प्रमाणपत्र, नए वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा प्रमाणपत्र, नए परमिट के लिए आवेदन और बैंक खाते का विवरण अपलोड करना जरूरी होगा। आवेदन प्राप्त होते ही कार्यकारी समिति जांच के उपरांत आवेदन को स्वीकृति देगी। स्वीकृति के तीन दिनों के अंदर परिवहन विभाग प्रोत्साहन राशि आवेदक के खाते में भेज देगा।
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Iबाहरी वाहन एनओसी के बाद लगवा सकेंगे सीएनजी किट
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Iवर्तमान में चल रहे सार्वजनिक डीजल परिवहन वाहनों को सीएनजी या अन्य वैकल्पिक ईंधन में रेट्रोफिटिंग के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले डीजल वाणिज्यिक वाहन एनओसी के बाद सीएनजी रेट्रोफिटिंग किट अधिकृत सेवा प्रदाता से लगवाकर राज्य में पंजीकृत हो सकेंगे।
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Iखास बातें-
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I- परिवहन विभाग नीति लागू होने के बाद वायु, ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण का अध्ययन कराएगा। यह देखा जाएगा कि इस नीति के लागू होने से पर्यावरण प्रदूषण में कितनी कमी हुई।
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I- परिवहन विभाग नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग होगा। क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण के लिए एक राज्य स्तरीय उच्च अधिकार प्राप्त समिति और एक कार्यकारी समिति बनेगी।

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I- स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति के लिए दो समितियां बनाई गई हैं। पहली- राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति। यह नीति के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समाधान करेगी। दूसरी समिति कार्यकारी समिति होगी जो आवेदन प्रक्रिया, प्रोत्साहन राशि का वितरण, ऑनलाइन पोर्टल तैयार करना, राजकोषीय प्रोत्साहन आदि का कार्य देखेगी।I
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