{"_id":"6369675483a8f546956297a4","slug":"gram-panchayat-officers-are-charging-rs-200-for-birth-death-certificate-city-news-drn4275467195","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी वसूल रहे दो सौ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी वसूल रहे दो सौ रुपये
विज्ञापन
ठाकुरपुर ईस्ट होपटाउन की क्षेत्र पंचायत सदस्य मंजू नेगी ने ग्राम पंचायत ठाकुरपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी पर जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए अवैध रूप से 200 रुपये लेने का आरोप लगाया है। साथ ही आरोप है कि परफॉरमेंस फंड के 23 लाख रुपये को नियम विरुद्ध खर्च किया गया है। जिलाधिकारी की ओर से आयोजित जनसुनवाई में उन्होंने इसकी शिकायत करते हुए जांच की मांग की है।
शिकायती पत्र में क्षेत्र पंचायत सदस्य मंजू नेगी ने कहा कि विकासखंड सहसपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए चक्कर कटवाए जा रहे हैं। वह जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए 200 रुपये भी ले रहे हैं, लेकिन इसकी न तो रसीद दी जा रही है और न ही यह पैसे जिला पंचायत के खाते में जमा कराए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में परफॉरमेंस ग्रांट का फंड 46 लाख रुपये था। जिसमें से अभी तक 23 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है। नियमानुसार इस फंड का उपयोग स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट कूड़े के निस्तारण में किया जाता है। जबकि, ग्राम पंचायत अधिकारी ने इस फंड का उपयोग व्यक्तिगत फायदे के लिए किया। जिलाधिकारी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी गुलबार बानो ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि परफॉरमेंस ग्रांट में जो भी प्रस्ताव ग्राम सभा की ओर से पारित किए गए थे, उन्हीं पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं। प्रमाणपत्रों के नाम पर किसी से भी अवैध वसूली नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
शिकायती पत्र में क्षेत्र पंचायत सदस्य मंजू नेगी ने कहा कि विकासखंड सहसपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए चक्कर कटवाए जा रहे हैं। वह जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए 200 रुपये भी ले रहे हैं, लेकिन इसकी न तो रसीद दी जा रही है और न ही यह पैसे जिला पंचायत के खाते में जमा कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में परफॉरमेंस ग्रांट का फंड 46 लाख रुपये था। जिसमें से अभी तक 23 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है। नियमानुसार इस फंड का उपयोग स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट कूड़े के निस्तारण में किया जाता है। जबकि, ग्राम पंचायत अधिकारी ने इस फंड का उपयोग व्यक्तिगत फायदे के लिए किया। जिलाधिकारी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी गुलबार बानो ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि परफॉरमेंस ग्रांट में जो भी प्रस्ताव ग्राम सभा की ओर से पारित किए गए थे, उन्हीं पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं। प्रमाणपत्रों के नाम पर किसी से भी अवैध वसूली नहीं की जा रही है।