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नए साल में मीडिया से दूरी बनाएगी सरकार, जानिए क्या है इस फैसले के पीछे की वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 31 Dec 2017 04:39 PM IST
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trivendra singh rawat
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नए साल से सरकार मीडिया से दूरी बनाएगी। इस फैसले के पीछे की वजह जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर..
मंत्रिमंडल में आने वाले प्रस्तावों के प्रेस में छपने से त्रिवेंद्र सरकार असहज है और अब वह नए साल में मीडिया से दूरी बनाएगी। सचिवालय के सभी आला अधिकारियों से लेकर अनुभाग अधिकारियों तक को ताकीद किया गया है कि वे बगैर शासकीय कार्यों के पत्रकारों का अनुभागों में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित कर दें।
इस संबंध में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक विस्तृत गोपनीय पत्र जारी किया है, जिसमें सचिवालय नियम संग्रह उत्तर प्रदेश शासन (सचिवालय मैनुअल) के नियमों का हवाला दिया गया है।
यह पत्र सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व प्रभारी सचिवों को जारी हुआ है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विषय या प्रकरण कैबिनेट में आने से पूर्व समाचार पत्र या मीडिया में प्रकाशित हुआ तो संबंधित विभाग के आला अधिकारी तत्परता से छानबीन करेंगे कि विषय वस्तु किस प्रकार लीक हुई और इसकी उन्हें तत्काल जानकारी देंगे। पत्र में कहा गया है कि प्रस्ताव लीक होने के कारण फैसलों के प्रभावित होने की संभावना बनती है।
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कैबिनेट में उठा था लीकेज का मामला
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह मसला उठा था। कैबिनेट के कई सदस्यों ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि बैठक में आने से पहले ही प्रस्ताव समाचार पत्रों व मीडिया में प्रकाशित हो जाते हैं। कैबिनेट ने इस पर खेद जताया है और आपत्ति व्यक्त की है। पत्र में कैबिनेट की इस नाराजगी का भी उल्लेख है।
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मंत्रिमंडल में आने वाले प्रस्तावों के प्रेस में छपने से त्रिवेंद्र सरकार असहज है और अब वह नए साल में मीडिया से दूरी बनाएगी। सचिवालय के सभी आला अधिकारियों से लेकर अनुभाग अधिकारियों तक को ताकीद किया गया है कि वे बगैर शासकीय कार्यों के पत्रकारों का अनुभागों में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित कर दें।
इस संबंध में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक विस्तृत गोपनीय पत्र जारी किया है, जिसमें सचिवालय नियम संग्रह उत्तर प्रदेश शासन (सचिवालय मैनुअल) के नियमों का हवाला दिया गया है।
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यह पत्र सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व प्रभारी सचिवों को जारी हुआ है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विषय या प्रकरण कैबिनेट में आने से पूर्व समाचार पत्र या मीडिया में प्रकाशित हुआ तो संबंधित विभाग के आला अधिकारी तत्परता से छानबीन करेंगे कि विषय वस्तु किस प्रकार लीक हुई और इसकी उन्हें तत्काल जानकारी देंगे। पत्र में कहा गया है कि प्रस्ताव लीक होने के कारण फैसलों के प्रभावित होने की संभावना बनती है।
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कैबिनेट में उठा था लीकेज का मामला
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह मसला उठा था। कैबिनेट के कई सदस्यों ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि बैठक में आने से पहले ही प्रस्ताव समाचार पत्रों व मीडिया में प्रकाशित हो जाते हैं। कैबिनेट ने इस पर खेद जताया है और आपत्ति व्यक्त की है। पत्र में कैबिनेट की इस नाराजगी का भी उल्लेख है।
अब ऐसे गोपनीयता बनाएगी सरकार
trivendra singh rawat
-गोपनीयता बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से संबंधित पत्रावलियां व अभिलेख अनुसचिव व उच्च स्तरों पर सील बंद लिफाफे में भेजी जाए।
-मंत्रिमंडल के अभिलेखों को गोपनीय रूप से संरक्षित रखा जाए। कार्यसूची के प्रस्ताव मंत्री व सचिव द्वारा देखे जाने के पूर्व व बाद बंद कवर में ही कार्यालय में रखे जाएं।
-किसी अधिकारी को उनके नाम से संबोधित गुप्त व गोपनीय संचार पत्र अधिकारी स्वयं खोले।
-प्रस्तावित विषयों पर अधिकारी अन्य से अनावश्यक चर्चा न करें।
-विभागीय उच्चाधिकारियों के अलावा अनुभागों व कार्यालयों में बिना शासकीय कार्य के अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों व पत्रकारों का पूर्णत: प्रवेश प्रतिबंधित रखा जाए।
सरकार चौथे स्तंभ का पूरा सम्मान करती है। कैबिनेट के विषय संवेदनशील और अतिमहत्वपूर्ण होते हैं। उनमें गोपनीयता बनाया जाना आवश्यक है। प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से मीडिया को विषयों की जानकारी दी ही जाती है। मीडिया से दूरी बनाने का कोई सवाल नहीं है। -मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार।
-मंत्रिमंडल के अभिलेखों को गोपनीय रूप से संरक्षित रखा जाए। कार्यसूची के प्रस्ताव मंत्री व सचिव द्वारा देखे जाने के पूर्व व बाद बंद कवर में ही कार्यालय में रखे जाएं।
-किसी अधिकारी को उनके नाम से संबोधित गुप्त व गोपनीय संचार पत्र अधिकारी स्वयं खोले।
-प्रस्तावित विषयों पर अधिकारी अन्य से अनावश्यक चर्चा न करें।
-विभागीय उच्चाधिकारियों के अलावा अनुभागों व कार्यालयों में बिना शासकीय कार्य के अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों व पत्रकारों का पूर्णत: प्रवेश प्रतिबंधित रखा जाए।
सरकार चौथे स्तंभ का पूरा सम्मान करती है। कैबिनेट के विषय संवेदनशील और अतिमहत्वपूर्ण होते हैं। उनमें गोपनीयता बनाया जाना आवश्यक है। प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से मीडिया को विषयों की जानकारी दी ही जाती है। मीडिया से दूरी बनाने का कोई सवाल नहीं है। -मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार।