जानिए, यहां कैसे सरकार के नियम और कानून जिंदगी पर पड़ रहे भारी?
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यहां सरकार के बनाए गए नियम, कानून जनता पर भारी पड़ रहे हैं। जानने के लिए पढ़े पूरी खबर...
उत्तराखंड शासन द्वारा नामित कार्डियोलाजिस्ट से आपरेशन का स्वीकृति पत्र नहीं मिलने पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत ओपन हार्ट सर्जरी के लिए फोर्टिस अस्पताल देहरादून भेजी गई बीपीएल परिवार की 13 वर्षीय बालिका को बिना आपरेशन कराए ही लौटना पड़ा।
यहीं नहीं खुशियों की सवारी वाहन ने बालिका और उसके परिजनों को घर के समीप रोड हेड तक पहुंचाने के बजाए हल्द्वानी बस स्टेशन पर ही उतार दिया। इसके बाद परिजन टैक्सी से गंभीर रूप से बीमार बालिका को देवड़ा गांव ले गए।
आरबीएसके के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को सरकार निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराती है।
कार्यक्रम के तहत डाक्टरों ने अप्रैल में भैंसियाछाना ब्लॉक के आदर्श जूनियर हाईस्कूल चंद्रकोट देवड़ा में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। कक्षा आठ की छात्र ज्योति आर्या (13) स्व. रमेश राम (देवड़ा गांव) गंभीर हृदय रोग से पीड़ित मिली। परिजन उसे कार्यक्रम के बेस अस्पताल स्थित डिस्ट्रिक अरली इंफोरमेशन सेंटर (डीईआईसी) लाए।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
सेंटर ने सात जून को खुशियों की सवारी वाहन से ज्योति को फोर्टिस अस्पताल देहरादून भेजा। परिजन आठ जून को ज्योति को लेकर फोर्टिस अस्पताल पहुंचे और डाक्टर को दिखाया। डाक्टरों के मुताबिक ज्योति की ओपन हार्ट सर्जरी होनी है, लेकिन अस्पताल ने ज्योति को भर्ती नहीं किया।
अस्पताल प्रशासन ने शासन द्वारा पैनल में नामित कार्डियोलॉजिस्ट से स्वीकृति पत्र लाने के बाद ही भर्ती करने की बात कही। जब ज्योति के परिजनों ने संबंधित डाक्टर की तलाश की तो पता चला कि शासन द्वारा नामित कार्डियोलाजिस्ट का तबादला बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल हो गया है। डाक्टर का स्वीकृति पत्र नहीं मिलने से अस्पताल ने ज्योति को भर्ती करने में असमर्थता जता दी। इधर उपचार नहीं मिलने से ज्योति की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है।
हृदय रोग से पीड़ित ज्योति आर्या के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उसके पिता रमेश राम का पूर्व में निधन हो गया है। मां विमला देवी पर ही परिवार की जिम्मेदारी है। वह किसी तरह परिवार का पालन पोषण कर रही है। ज्योति को छोटा भाई कक्षा चार में पढ़ता है। विकासखंड के शिक्षकों ने चंदा कर ज्योति के साथ उसके परिजनों को देहरादून भेजने की व्यवस्था की थी।
बालिका को हल्द्वानी में छोड़ने के मामले में खुशियों की सवारी वाहन के देहरादून मुख्यालय मैनेजर को अवगत कराया जाएगा। देहरादून में शासन द्वारा नामित कार्डियोलाजिस्ट का इस बीच नैनीताल तबादला होने से यह स्थिति आई है। शासन ने अब दूसरे डाक्टर को नामित कर दिया है। नए सिरे से कागजात तैयार कर ज्योति को देहरादून उपचार के लिए जल्द भेजा जाएगा।
- जितेंद्र मणि, प्रबंधक, डीआईसी, अल्मोड़ा