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गरीबों का राशन खा रहे थे सरकारी कर्मचारी: पूर्ति विभाग के सर्वे में पकड़ में आए एक हजार सफेद राशन कार्ड
Wed, 22 Dec 2021 11:50 AM IST
शाहरुख खान
मनीष पांडेय, अमर उजाला, रुद्रपुर
मनीष पांडेय, अमर उजाला, रुद्रपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:50 AM IST
सार
ऊधमसिंह नगर जिले में सरकारी कर्मचारी और अन्य धनाढ्य वर्ग के पास गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाले सफेद कार्ड होने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। ऐसे में जिला प्रशासन के आदेश पर इसका सर्वे शुरू किया गया।
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फाइल फोटो
विस्तार
गरीबों के हिस्से का राशन जिले में सरकारी कर्मचारी खा रहे थे। पूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में एक हजार ऐसे सफेद कार्ड पकड़ में आए हैं जिनका राशन सरकारी कर्मचारी तक ले रहे थे। साथ ही 100 से अधिक गुलाबी कार्ड भी अपात्रों के पास मिले हैं। पूर्ति विभाग ने कार्डों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्वे अभी जारी है, ऐसे में इनकी संख्या और बढ़ सकती है।
ऊधमसिंह नगर जिले में सरकारी कर्मचारी और अन्य धनाढ्य वर्ग के पास गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाले सफेद कार्ड होने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। ऐसे में जिला प्रशासन के आदेश पर इसका सर्वे शुरू किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के राशन कार्ड का सर्वे कर रहीं हैं, जिसमें अभी तक करीब एक हजार से ज्यादा ऐसे कार्ड पकड़ में आए हैं, जिनका इस्तेमाल सरकारी नौकरी करने वाले लोग कर रहे थे, जबकि गरीब जनता का आरोप है कि उन्हें पीले कार्ड जारी किए गए हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद उन्हें सफेद कार्ड नहीं दिए जा रहे थे। पूरे जिले में सर्वे का कार्य अभी चल रहा है।
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पूर्ति विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि एक हजार कार्ड अमीरों के पास थे, जिनमें ज्यादातर सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह का कहना है कि जिन अपात्रों के पास सफेद राशन कार्ड हैं, वे खुद ही इसे पूर्ति विभाग में जमा कर दें, जिससे पात्र लोगों को इसका लाभ दिया जा सके। डीएसओ का कहना है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। सर्वे पूर्ण होने के बाद ही सही आंकड़ा पता लग पाएगा। अपात्रों के कार्ड निरस्त कर नए कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
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ऊधमसिंह नगर जिले में सरकारी कर्मचारी और अन्य धनाढ्य वर्ग के पास गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाले सफेद कार्ड होने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। ऐसे में जिला प्रशासन के आदेश पर इसका सर्वे शुरू किया गया।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के राशन कार्ड का सर्वे कर रहीं हैं, जिसमें अभी तक करीब एक हजार से ज्यादा ऐसे कार्ड पकड़ में आए हैं, जिनका इस्तेमाल सरकारी नौकरी करने वाले लोग कर रहे थे, जबकि गरीब जनता का आरोप है कि उन्हें पीले कार्ड जारी किए गए हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद उन्हें सफेद कार्ड नहीं दिए जा रहे थे। पूरे जिले में सर्वे का कार्य अभी चल रहा है।
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पूर्ति विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि एक हजार कार्ड अमीरों के पास थे, जिनमें ज्यादातर सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह का कहना है कि जिन अपात्रों के पास सफेद राशन कार्ड हैं, वे खुद ही इसे पूर्ति विभाग में जमा कर दें, जिससे पात्र लोगों को इसका लाभ दिया जा सके। डीएसओ का कहना है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। सर्वे पूर्ण होने के बाद ही सही आंकड़ा पता लग पाएगा। अपात्रों के कार्ड निरस्त कर नए कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
गुलाबी कार्ड: अंत्योदय अन्न योजना के पात्र नौ हजार रुपये सालाना वाले गरीब लोग हैं, जिसमें गेहूं 13 किलो 300 ग्राम दो रुपये प्रतिकिलो की दर से, चावल 21 किलो 700 ग्राम, तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से, फ्री वाला गेहूं तीन किलो प्रति यूनिट, चावल दो किलो प्रति यूनिट दिया जाता है।
सफेद कार्ड: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में जारी किया जाता है। जिसकी पात्रता एक लाख 80 हजार रुपये सालाना आय वाले लोग हैं। इस कार्ड पर गेहूं दो किलो प्रति यूनिट दो रुपये की दर से, चावल तीन किलो प्रति यूनिट तीन रुपये की दर से दिया जाता है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क गेहूं प्रति यूनिट तीन किलो, चावल दो किलो प्रति यूनिट दिया जा रहा है।
पीला कार्ड: राज्य खाद्य योजना में पांच लाख सालाना आय वालों को जारी किया जाता है। इसमें पांच किलो गेहूं आठ रुपये 60 पैसे के हिसाब से, ढाई किलो चावल 11 रुपये के हिसाब से दिया जाता है।
सफेद कार्ड: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में जारी किया जाता है। जिसकी पात्रता एक लाख 80 हजार रुपये सालाना आय वाले लोग हैं। इस कार्ड पर गेहूं दो किलो प्रति यूनिट दो रुपये की दर से, चावल तीन किलो प्रति यूनिट तीन रुपये की दर से दिया जाता है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क गेहूं प्रति यूनिट तीन किलो, चावल दो किलो प्रति यूनिट दिया जा रहा है।
पीला कार्ड: राज्य खाद्य योजना में पांच लाख सालाना आय वालों को जारी किया जाता है। इसमें पांच किलो गेहूं आठ रुपये 60 पैसे के हिसाब से, ढाई किलो चावल 11 रुपये के हिसाब से दिया जाता है।