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निजी लैब की चांदी कटवाने में लगे डॉक्टर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Aug 2014 02:46 AM IST
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राजधानी देहरादून सरकारी डॉक्टर निजी लैबों की चांदी करवाने में मशरूफ हैं। जी हां, मेडिकल टेस्ट और जांच के लिए दून अस्पताल आने वाले मरीजों को सरकारी डॉक्टर ही निजी लैबों का रास्ता दिखा रहे हैं।
पर्ची पर रोगियों को निजी लैब में किया जा रहा रेफर
बकायदा पर्ची पर रोगियों को रेफर किया जा रहा है। यह भी ताकीद की जाती है कि पर्ची पर जिस डॉक्टर का नाम लिखा है, वहीं जाना।
कमीशन के खेल में यह गोलमाल किया जा रहा है। इससे सस्ते इलाज की आस में अस्पताल आने वाले मरीज परेशान हैं। सोमवार को भी ऐसा मामला सामने आया।
दून अस्पताल में संविदा पर कार्यरत एक सर्जन के पास पहुंचे कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें मेडिकल टेस्ट और जांच के लिए निजी लैब जाने की सलाह दी गई है।
मरीजों का आरोप था कि संविदा डॉक्टरों की मेज पर निजी लैब वालों के पर्चे रखे रहते हैं। दो मरीजों ने डॉक्टर द्वारा लिखी गई जांच के पर्चे मीडिया को दिखाए। ये सभी पर्चे निजी लैब के थे।
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नियमानुसार, संविदा पर तैनात कोई भी डॉक्टर बाहर से मेडिकल टेस्ट या जांच के लिए रेफर नहीं कर सकता।
दून अस्पताल में हर रोज करीब दो हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, क्योंकि यहां एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी जांचों के लिए शुल्क काफी कम मिलता है। लेकिन डाक्टरों के खेल से मरीजों के लिए इलाज कराना मुश्किल हो जाता है।
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यह मामला मेरे संज्ञान में भी आया है। मंगलवार को आरोपी संविदा डाक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दोषी पाए जाने पर डाक्टर पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. आरएस असवाल, प्रमुख अधीक्षक दून अस्पताल