घायल कैलाश यात्री को आना था घर, सरकार ने रखी 4 लाख रुपये की शर्त
कालापानी और गुंजी के बीच घोड़े से गिरकर घायल हुई कैलाश यात्री मीना पुरोहित मुसीबत में फंस गई हैं। राज्य सरकार ने घायल यात्री से हेलीकॉप्टर से लाने का चार लाख रुपये किराया मांग रही है।
हालांकि महिला यात्री ने इतनी राशि दे पाने में असमर्थता जता दी है। घायल यात्री को अब मजदूरों की मदद से स्ट्रेचर पर रखकर पैदल धारचूला लाया जा रहा है। इसमें कम से कम दो दिन का समय लग जाएगा।
यात्राधिकारी आरसी जोशी ने बताया कि पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा दल में शामिल महाराष्ट्र निवासी 55 वर्षीय मीना को कालापानी से छियालेख तक अपने वाहन से लाने की व्यवस्था की गई। उससे आगे सड़क न होने के कारण यात्री के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की गई, लेकिन राज्य सरकार ने किराया चार लाख बता दिया।
अब हेलीकाप्टर की जगह स्ट्रेचर से लाया जा रहा
अब घायल यात्री को बूंदी से स्ट्रेचर पर रखकर लाया जा रहा है। यात्री के साथ जनसंपर्क अधिकारी चंद्रमौली कुमार शर्मा समेत सात अन्य यात्री भी आ रहे हैं। इस अव्यवस्था पर यात्रियों में भारी नाराजगी है।
इधर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष डूंगर सिंह दानू ने कहा कि कैलाश यात्रा को महत्व देने का दंभ भरने वाली सरकार की हकीकत सामने आ गई है। प्रदेश सरकार के मंत्री तो हेलीकॉप्टर में जमकर सफर कर रहे हैं, लेकिन जरूरतमंदों के लिए रोड़ा अटकाया जा रहा है।
क्या कहते हैं जिलाधिकारी साहब, जानिए
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि घायल महिला यात्री ने हेलीकॉप्टर का खर्च वहन करने से इनकार कर दिया था। यात्री को बूंदी से हल्द्वानी तक ले जाने में करीब 3.5 लाख रुपये का खर्च आ रहा था।
उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर की व्यवस्था हो गई थी, लेकिन यात्री ने ही इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि यात्री को ज्यादा चोट नहीं है। उनको स्ट्रेचर से गर्वाधार तक पहुंचाया जाएगा। वहां से उनको वाहन से धारचूला लाया जाएगा।
उधर, धारचूला के एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि घायल यात्री के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने को जिलाधिकारी के माध्यम से गृह सचिव और पर्यटन सचिव से संपर्क साधा गया था।