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करोड़ रूपए खर्च करके छह साल में एक IAS नहीं बना

Fri, 10 Oct 2014 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 10 Oct 2014 06:30 PM IST
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government coaching center for civil services.

उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की एससी, एसटी छात्रों के लिए आईएएस और पीसीएस की मुफ्त कोचिंग योजना मजाक बनकर रह गई है।

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हाल यह है कि छह वर्षों में कोचिंग पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन एक भी छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा पास नहीं कर पाया।

दरअसल बजट जारी होने में देरी के कारण कोचिंग परीक्षा से कुछ दिन पहले ही शुरू हो पाती है। इस साल 30 नवंबर को पीसीएस परीक्षा होनी है, लेकिन बजट अक्तूबर में जारी हुआ। इस वजह से छात्रों को तैयारी के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल पाएगा।

आरक्षित वर्ग के गरीब मेधावियों को सिविल सेवा परीक्षा और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग की स्कीम संचालित की जाती है। इसके लिए हर साल 25 लाख रुपये से अधिक राशि कोचिंग संस्थानों को दी जा रही है। लेकिन, अभी तक एक भी छात्र का चयन नहीं हो पाया है।

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देरी के कारण योजना हुई फ्लॉप

government coaching center for civil services.

इसके पीछे मुख्य वजह समाज कल्याण निदेशालय का लेटलतीफ रवैया है। गत वर्ष सिविल सेवा परीक्षा की कोचिंग महज 25 दिन कराई गई, जिसके लिए करीब 25 लाख रुपया दिया गया।

इससे पहले भी वर्ष 2010 में 25 लाख रुपये से ऊपर का बजट दिया गया लेकिन परीक्षा के लिए करीब ढाई महीने का वक्त ही मिला। कोचिंग के लिए ऐसे संस्थानों का चयन किया गया जो सिविल सेवा की तैयारी ही नहीं कराते थे।

पुराने मामलों के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन इस साल जांच पड़ताल के बाद संस्थानों का चयन किया गया है। सभी संस्थानों को हिदायत दी गई है कि अगर सकारात्मक रिजल्ट नहीं आया तो भविष्य में मौका नहीं दिया जाएगा।

हर दिन कम से कम छह घंटे पढ़ाना अनिवार्य होगा, जिसकी रिपोर्ट हमारे पास भेजनी होगी। -जीआर नौटियाल, उप निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय

छात्रों ने लगाया घपले का आरोप

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कोचिंग योजना के लिए संस्थानों के चयन में घपले का आरोप लगाते हुए छात्रों ने समाज कल्याण विभाग के दफ्तर में प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग थी कि कोचिंग फीस संस्थानों को देने के बजाए छात्रों के खातों में भेजी जाए। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम अवतार सिंह ने मांगों को समाज कल्याण निदेशक से अवगत कराने का आश्वासन दिया है।

छात्रों ने आरोप लगाया कि किसी भी कोचिंग संस्थान से एक भी छात्र परीक्षा पास नहीं कर पाया है। छात्र नेता कमलेश भट्ट ने कहा कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को दो महीने बचे हैं, अब छात्रों को कोचिंग की व्यवस्था की गई है।

इन संस्थानों का हुआ है चयन
-रावत आईएएस, महेंद्रा एजूकेशनल प्राइवेट लिमिटेड, होप एजूकेशनल सोसाइटी, एकलव्य आईएएस एकेडमी, विजन आईएएस एकेडमी, दिशा सिविल एकेडमी, राव्स आईएएस एकेडमी।

छात्र गलत आरोप लगा रहे हैं। अपने संस्थान से पीएसएस में चयनित अभ्यर्थियों की सूची दे सकता हूं।
-एमएम साहिल निदेशक राव्स आईएएस एकेडमी

मेरे पास सारी फैकल्टी है। दिल्ली से भी विशेषज्ञ बुलाते हैं। हमारे छात्र आईएएस की कोचिंग कर रहे हैं।
-प्रताप सिंह चौहान, निदेशक होप एजूकेशनल सोसाइटी

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