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सरकार व्यवस्थाएं भी तो देखे
अमर उजाला डॉट कॉम
Updated Thu, 22 Aug 2013 07:01 PM IST
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दीप्ति नौड़ियाल
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सरकार ने बड़े जोर से रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में छूट देने की बात तो कही, लेकिन यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि आखिर ऐसा हुआ भी या नहीं।
रक्षा बंधन पर भाईयों के घर गई बहनों को परिवहन विभाग ने निशुल्क यात्रा का तोहफा देकर विवाद को ही जन्म दिया। राज्य की सीमा आते ही बसों में महिलाओं से किराया लिया जाने लगा, जो कि शर्मनाक और गैरजिम्मेदाराना रवैया है। इतना ही नहीं जब महिलाओं ने विरोध किया तो कई जगहों पर महिलाओं से अभ्रद्रता भी हुई।
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बुधवार को (रक्षा बंधन) परिवहन विभाग ने महिलाओं के लिए प्रदेश में निशुल्क यात्रा की घोषणा की थी। बसों में बैठने से पहले परिचालक महिलाओं को यह जानकारी देते रहे कि यात्रा प्रदेश तक सीमित है।
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नोकझोंक होती रही
बावजूद इसके सीमा समाप्त होते ही आगे की यात्रा करने के लिए किराए लेने को महिलाओं व परिचालकों में नोकझोंक होती रही। प्रशासन ने इस बार अतिरिक्त बसें चलाई थी, लेकिन अपेक्षित भीड़ नहीं रही।
सुबह आठ बजे से करीब 12 बजे तक भीड़ रही, इसके बाद कोई बस फुल नहीं हुई। ऐसे में सरकार को चाहिए कि खाली घोषणाए ही नहीं उनकी मॉनीटिरिंग भी सही से हो, जिससे बेवजह के विवाद की स्थिति ही पैदा ना हो।