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गोवा ने दिखा या दम, बाकी सब बेदम
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 31 Oct 2013 12:12 PM IST
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आपदा के दौरान गांव गोद लेने के लिए घोषणा तो कई राज्यों ने की लेकिन गोवा के अलावा कोई सामने नहीं आया। एक बार पहले भी राज्य सरकार की तरफ से चिट्ठी भेजकर राज्यों से पूछा गया था लेकिन इस बार किसी का कोई जवाब नहीं मिला।
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इसलिए एक बार फिर संबंधित राज्यों के स्थानिक आयुक्तों को पत्र भेजा जा रहा है। जून में आई दैवी आपदा से प्रभावित गांवों को गोद लेने के लिए कई राज्यों ने घोषणा की थीं। लेकिन गोद लेने की हिम्मत केवल गोवा ने ही की।
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चेयरमैन और राज्यपाल के बीच पुराने संबंध
गोवा की इस पहल के पीछे उत्तराखंड राजस्व परिषद के चेयरमैन व गोवा के राज्यपाल के बीच पुराने संबंध भी हैं। परिषद के चेयरमैन सुनील कुमार मट्टू ने राज्यपाल से बात की और दूसरा बड़ा रोल गोवा राज्यपाल के सचिव नीरज सेमवाल का भी रहा।
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वैसे तो सेमवाल यूटी कैडर के आईएएस है लेकिन वह मूलत: उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इसलिए उनका प्रयास बेहतर रहा। सेमवाल उत्तराखंड में गोवा सरकार के नोडल अफसर भी है।
आयुक्तों को भेजा पत्र
हरियाणा ने बीस, पंजाब ने पांच, मध्य प्रदेश ने दस और राजस्थान ने भी एक दर्जन गांवों को गोद लेने की बात घोषित तौर पर कही थी। लेकिन अभी तक इन राज्यों ने कोई पहल नहीं की। लगभग डेढ़ महीना पहले राज्य की तरफ से सभी को पत्र भेजकर गांवों को गोद लेने की बात पूछी गई थी लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
एक बार फिर उन राज्यों के दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्तों को चिट्ठी भेजी जा रही है जिन्होंने प्रभावित गांवों को गोद लेने की घोषणा की थी। ताकि यदि कोई इच्छुक है तो उनकेसाथ बात आगे बढ़ाई जा सके।