बैठक में कुछ ऐसा बोल गईं एमडी कि एजीएम ने मांग लिया वीआरएस, जानिए पूरा मामला
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चार धाम यात्रा की समीक्षा बैठक के जीएमवीएन की एमडी ज्योति नीरज खैरवाल की टिप्पणी ने एजीएम तुलसी सिंह बिष्ट को इस कदर आहत किया कि उन्होंने वीआरएस की पेशकश कर डाली। वीआरएस की पेशकश में बिष्ट ने एमडी की टिप्पणी....‘क्या कभी अपना चेहरा शीशे में देखा है आपने’ का खास तौर पर जिक्र किया है।
दो महीने बाद रिटायर होने जा रहे एजीएम ने कहा है कि जिस तरह से उनके लिए व्यक्तिगत टिप्पणी की गई है, वह उनका अपमान है। इधर, एमडी ज्योति नीरज खैरवाल ने अपमान की बात को खारिज किया है। उन्होंने वीआरएस की पेेशकश से भी अनभिज्ञता जाहिर की है।
जानकारी के मुताबिक बीते बृहस्पतिवार को देहरादून में चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में जीएमवीएन की एमडी ज्योति नीरज खैरवाल ने दून में बैठक ली। खैरवाल अपर सचिव पर्यटन भी हैं।
इस बैठक में ऋषिकेश स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम के यात्रा कार्यालय में तैनात अधिकारी शामिल हुए। बिष्ट के अनुसार, एमडी ने बैठक के दौरान निगम कर्मियों के समक्ष उनके कार्यों पर असंतोष जताया और वीआरएस लेने के लिए कहा।
चार धाम यात्रा बैठक में हुआ यह सब
बिष्ट का आरोप है कि एमडी ने भरी बैठक में उन पर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। यहां तक कहा गया कि क्या कभी अपना चेहरा शीशे में देखा है आपने...। बिष्ट के अनुसार, उन्होंने अपमानजनक टिप्पणियों से आहत होकर वीआरएस के लिए अपना आवेदन एमडी को भेज दिया है
मैंने 36 वर्षों तक जीएमवीएन में सेवाएं दीं। एक मजूबत स्तंभ के रूप में निगम को स्थापित करने के लिए दिन-रात लगा रहा, लेकिन सेवानिवृत्ति के अंतिम दिनों में आला अधिकारी के इस तरह से बेइज्जत करने पर बहुत आहत हुआ हूं। उनके निर्देश पर मैंने वीआरएस का आवेदन भेज दिया है।
तुलसी सिंह बिष्ट, एजीएम, यात्रा कार्यालय जीएमवीएन, ऋषिकेश।
मैं अक्सर सभी से यह कहती हूं कि आप जो कर रहे हैं, उसके हिसाब से अपना चेहरा शीशे में देखें। ऐसा काम करें कि शीशे में अपना चेहरा देखने लायक रह सकें। जहां तक एजीएम तुलसी सिंह बिष्ट के वीआरएस के आवेदन का मामला है, आज शाम अपने ऑफिस से निकलते वक्त तक ये आवेदन मुझे प्राप्त नहीं हुआ था।
ज्योति नीरज खैरवाल, एमडी जीएमवीएन/अपर सचिव पर्यटन।