रुड़की: आईआईटी से संदिग्ध परिस्थितियों में एमटेक की दिव्यांग छात्रा लापता, लेटर में बताई वजह
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आईआईटी रुड़की में एमटेक प्रथम वर्ष की दिव्यांग छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पुलिस और आईआईटी प्रशासन ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली तो एक लेटर बरामद मिला, जिसमें छात्रा ने परिजनों को और परेशान नहीं करने की बात लिखी है।
आईआईटी प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को जानकारी देने के साथ ही कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। पुलिस और आईआईटी प्रशासन ने परिजनों को साथ लेकर किसी अनहोनी की आशंका में आईआईटी कैंपस में छात्रा की तलाश करते हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो छात्रा आईआईटी कैंपस से बाहर निकलती हुई नजर आ रही है।
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के कस्बा रूरा निवासी छात्रा ने इसी साल आईआईटी रुड़की में एमटेक में प्रवेश लिया था। छात्रा आईआईटी परिसर स्थित एन खोसला हास्टल में रह रही थी। वह एक पैर से दिव्यांग थी। मंगलवार शाम करीब चार बजे छात्रा अपनी सहपाठी से दवा लाने की बात कहकर कमरे से निकली थी। इसके बाद देर रात तक वापस नहीं लौटी।
इस बीच छात्रा के परिजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल की तो नंबर बंद मिला। इस पर परिजनों ने आईआईटी प्रशासन को मामले की जानकारी दी। छात्रा का मोबाइल बंद होने पर आईआईटी प्रशासन ने हॉस्टल में जाकर कमरे की तलाशी ली तो छात्रा नहीं मिली। आईआईटी प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को लापता होने की जानकारी दी। साथ ही सिविल लाइंस कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई।
सुबह घर पर हुई थी बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने पुलिस को छात्रा के कमरे की तलाशी लेने के निर्देश दिए। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो एक लेटर मिला, जिसमें लिखा था... ‘पापा मैं आपको और परेशान नहीं करना चाहती है, मेरी वजह से पहले ही आप बहुत परेशान हो चुके हैं’। इसी बीच छात्रा के मामा भी आईआईटी परिसर पहुंच गए। पुलिस, आईआईटी प्रशासन ने परिजनों को साथ लेकर पूरे कैंपस में छानबीन की। साथ ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो एक कैमरे में छात्रा आईआईटी कैंपस से बाहर जाती दिखाई दी। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि छात्रा की आसपास तलाश की जा रही है।
सुबह घर पर हुई थी बात
छात्रा के मामा ने बताया कि उसकी मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मोबाइल से घर बात हुई थी। उसने सब कुछ सही होने की बात कही थी। साथ ही बताया था कि उसकी पढ़ाई भी अच्छी चल रही है। आकांक्षा ने परिजनों से बातचीत कर बाद में फिर फोन करने की बात कही थी। इसके बाद उसके मोबाइल पर कॉल करने पर नंबर बंद मिला।
पढ़ाई में होनहार है छात्रा
छात्रा के मामा ने बताया कि वह पढ़ने में बहुत होनहार है। पढ़ाई में कभी दिव्यांगता आड़े नहीं आई। वह मेहनत से पढ़ाई करती है। मेहनत का ही नतीजा था कि उसका आईआईटी में प्रवेश हुआ था। उन्होंने बताया कि आकांक्षा का बड़ा भाई एमबीए और छोटी बहन भी पढ़ाई कर रही है।