लोकसभा चुनावः उत्तराखंड में नेताओं का 'पारा' गरम
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लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद उत्तराखंड की सभी पार्टियों के नेताओं में सीट पाने को लेकर गहमा-गहमी शुरू हो चुकी है।
भाजपा में लोकसभा चुनाव प्रत्याशी चयन की बैठक भले ही आठ मार्च को होनी हो लेकिन टिकट पाने के लिए महारथियों ने पूरी ताकत लगा दी है।
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पौड़ी से दावेदार अनिल बलूनी व टिहरी से टिकट का दावा कर रहे दिग्गज मुन्ना सिंह चौहान ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। उधर, मदन कौशिक भी बुधवार को दिल्ली कूच करने वाले है।
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टिकट फाइनल करने के लिए आगामी आठ मार्च की दिल्ली की बैठक से पहले ही नेताओं ने मोर्चेबंदी कर दी है। पौड़ी से वैसे तो पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी का नाम तय माना जा रहा है लेकिन बदले हालात में टिकट केदावेदार अनिल बलूनी ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है।
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उन्हें इस बात का भरोसा है कि यदि पार्टी में एक तय उम्र से ज्यादा वाले नेताओं को टिकट नहीं देने की नीति बनी तो पौड़ी से उन्हें मौका मिल सकता है। वैसे भी वह पिछले एक साल से तैयारी में जुटे है।
7 मई को उत्तराखंड में होंगे लोकसभा चुनाव
16वीं लोकसभा चुनाव के महासमर का बिगुल बज गया है। उत्तराखंड में 7 मई को मतदान होगा। इस बार चुनाव कुल 9 चरणों में होंगे।
आम चुनाव के कार्यक्रमों पर कयासबाजी का दौर खत्म करते हुए चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने दिया है।
पहले चरण का चुनाव 7 अप्रैल को, दूसरे चरण का चुनाव 9 अप्रैल को, तीसरे चरण का चुनाव 10 अप्रैल को, चौथे चरण का 12 अप्रैल को, पांचवें चरण का 17 अप्रैल को, छठे चरण का 24 अप्रैल को, सातवें चरण का 30 अप्रैल को, आठवें चरण का 7 मई को और नवें चरण का 12 मई को होंगे। लोकसभा चुनाव की मतगणना 16 मई को होगी।
अपनी दावेदारी को लेकर दिल्ली पहुंचे नेता
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिकट की बहुत मजबूत दावेदारी तो नहीं की लेकिन उनका नाम गंभीरता के साथ आगे बढ़ा। उधर, टिहरी संसदीय सीट से दावेदार मुन्ना सिंह चौहान दिल्ली में कैंप किए है।
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रवाईं घाटी से जौनसार बावर होते हुए विकासनगर तक मुन्ना का गजब का प्रभाव है। उन्हें भी पूरी उम्मीद है। हरिद्वार से मदन कौशिक ने आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से दूरभाष पर की और बुधवार को दिल्ली कूच की तैयारी है।
नरेंश बंसल व श्यामवीर सैनी ने भी पूरी जान लगा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी इस सीट से गंभीर प्रत्याशी के तौर पर उभरे है।
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उधर, नैनीताल से अरविंद पांडे और बलराज पासी के साथ ही अल्मोड़ा संसदीय सीट से अजय टम्टा के अलावा सज्जनलाल टम्टा और रेखा आर्य ने भी दबाव बना दिया है।
जबरदस्त तरीके से खींचतान शुरू हो गई है। नामों की घोषणा क्या रुकी कि पार्टी के भीतर घमासान मचा हुआ है। ज्यादातर नेताओं ने दिल्ली का रुख कर लिया है। फिलहाल हालात ज्यादा गंभीर होते नजर आ रहे है।
चुनाव बाद निकल जाएगी तीसरे मोर्चे की हवा
बसपा के उत्तराखंड प्रभारी और यूपी के अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि लोकसभा चुनाव में तीसरे मोर्चे की हवा निकल जाएगी।
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जब भी चुनाव आता है तीसरा मोर्चा बनने लगता है लेकिन कुछ कर नहीं पाता। कहा कि बसपा देश में अपने बल पर चुनाव लड़ेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रधानमंत्री बनाना एक मात्र लक्ष्य है।
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राजभर ने दावा किया कि उत्तराखंड में बसपा का वोट प्रतिशत बढ़ रहा है। यूपी में पार्टी भले ही सरकार न बना पाई हो लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा है।
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अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक के साथ ही पार्टी सर्व समाज के विकास के लिए संघर्ष कर रही है। कहा कि जब उत्तराखंड में बसपा की सरकार बनेगी, पर्वतीय क्षेत्रों का विकास देखने लायक होगा।
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उत्तराखंड में बसपा विधायकों का पीडीएफ की तरफ रुझान के संबंध में बोले कि अंदर क्या है, वे जानें, लेकिन आज भी वे बसपा के विधायक हैं। राजभर ने कहा कि बसपा पूरे दमखम के साथ प्रदेश की सभी सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी।