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मोदी लहर के बाद फिर 'खंडूड़ी हुए जरूरी'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 16 May 2014 07:52 PM IST
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उत्तराखंड में खंडूड़ी हैं जरूरी के नारे के बाद भी 2012 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी को हार का मुंह देखना पड़ा था।
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पर 2014 में अबकी बार मोदी सरकार के नारे के बीच में खंडूड़ी खासे मार्जिन से कांग्रेस प्रत्याशी हरक सिंह को पटकनी देने में कामयाब रहे।
मत परिणाम बता रहा है कि आपदा से प्रभावित संसदीय सीट पर कांग्रेस को हर मोरचे पर नुकसान पहुंचा। हरक सिंह चुनाव को चुनौतीपूर्ण बनाने केइरादे से उतरे जरूर पर टिक नहीं पाए।
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अभी तक की यह सबसे बड़ी जीत
2009 की तुलना में भाजपा ने इस बार इस सीट पर करीब 18 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। 1977, 1980 और 1984 के चुनावों को छोड़ दिया जाए तो भाजपा की अभी तक की यह सबसे बड़ी जीत है। 2004 में इस सीट पर खडूड़ी को इस सीट पर करीब 51 प्रतिशत वोट पड़े थे।
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मतपरिणाम से जाहिर है कि इस बार भाजपा को इस सीट पर चोतरफा वोट पड़े। हालांकि हरक सिंह भी कांग्रेस को करीब 33 प्रतिशत वोट दिलाने में सफल रहे। पर कांग्रेस का मत प्रतिशत 2009 के मुकाबले 12 प्रतिशत कम है।
चार धाम पर सरकार का पूरा फोकस
आपदा से प्रभावित पूरा चमोली जिला गढ़वाल संसदीय सीट का ही हिस्सा है। पुनर्निर्माण और चार धाम यात्रा पर सरकार का पूरा फोकस भी था।
ऐन चुनाव के समय कांग्रेस को टीपीएस का साथ मिल गया था पर सतपाल महाराज का भाजपा का साथ जाना नुकसान का सबब भी बना। दूसरी ओर हाल यह भी रहा कि हरक सिंह अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से खुद को नहीं बचा पाए।
हरक सिंह को मतदाताओं ने नकार दिया
कोटद्वार ने 2012 में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को नकारा था। पर इस बार स्थिति उलट रही। कोटद्वार से खंडूड़ी को इस बार सहारा मिला पर रुद्रप्रयाग से हरक सिंह को मतदाताओं ने नकार दिया।
दूसरी ओर गढ़वाल सीट का ही हिस्सा गैरसैंण हैं और गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित कराने से लेकर विधानसभा बनाने तक का वादा कांग्रेस ने किया था। पर मतदाताओं ने राज्य और केंद्र के मसलों को अलग-अलग देखकर ही शायद वोट किया।
इस सीट पर खंडूड़ी की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इतना भी साफ है कि भाजपा को महाराज फैक्टर का भी फायदा मिला। कांग्रेस हालांकि गौचर में राहुल गांधी की रैली आयोजित कर बढ़त लेने की कोशिश में रही पर भाजपा ने भी श्रीनगर में मोदी की रैली के जरिए बढ़त ली।