क्या ये नोटबंदी और जीएसटी का असर है कि लुढ़क गई उत्तराखंड की विकास दर
-6.99 से 6.77 प्रतिशत तक घट गई विकास दर
-सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोत्तरी का अनुमान
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नोटबंदी और जीएसटी से उत्तराखंड भी महफूज नहीं रहा, इसकी तस्दीक अब सरकार के आंकड़ों ने भी कर दी है। उत्तराखंड विकास दर में लगातार तीसरे साल गिरावट दर्ज हुई है।अर्थ एवं संख्या विभाग द्वारा शनिवार को जो अग्रिम अनुमान के आंकड़े जारी किए, वे नीति नियामकों को चिंता में डाल सकते हैं। अब प्रदेश की विकास दर में घटकर 6.77 होने का अनुमान है।
से 6.77 प्रतिशत तक घट गई विकास दर
आधार वर्ष 2011-12 के क्रम में जहां भारत की आर्थिक विकास दर वर्ष 2015-16 में आठ प्रतिशत, 2016-17 में 7.1 प्रतिशत तथा 2017-18 में 6.5 प्रतिशत रही। वहीं उत्तराखंड की आर्थिक विकास दर वर्ष 2015-16 में 7.52 प्रतिशत से घटकर 2016-17 में 6.95 प्रतिशत हो गई और अब 2017-18 में 6.77 प्रतिशत तक घट गई है।
सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोत्तरी का अनुमान
अलबत्ता प्रचलित भाव के आधार पर वर्ष 2017-18 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद (अग्रिम अनुमान) जीएसडीपी 217609 करोड़ रुपये अनुमानित है । जो उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार दर्शाता है। आंकड़ों की जुबानी मानें तो वर्ष 2016-17 की तुलना में प्रदेश के जीएसडीपी में 11.25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2016-17 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद त्वरित (पुनरीक्षित) अनुमान 195606 करोड़ रुपये लगाया गया है । प्रचलित भाव के आधार पर वर्ष 2017-18 में राज्य निवल घरेलू उत्पाद (अग्रिम अनुमान) रूपये 195375 करोड़ अनुमानित है, जो कि वर्ष 2016-17 की तुलना में 11.58 प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित करता है। वर्ष 2016-17 में राज्य निवल घरेलू उत्पाद त्वरित (पुनरीक्षित) अनुमान रूपये 175102 करोड़ अनुमानित है।