{"_id":"613114b48ebc3e0e8d6f516a","slug":"gazalkar-sonakia-got-dushyant-samman-dehradun-news-drn389212396","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्यंत की याद में हुई काव्य गोष्ठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्यंत की याद में हुई काव्य गोष्ठी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। नव सृजन साहित्यिक संस्था एवं गंगा जमुनी अदबी मंच की ओर से हिंदी गजल के जनक दुष्यंत कुमार की जयंती के उपलक्ष्य में दुष्यंत सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान लखनऊ के अपर आयुक्त (परिवहन) एवं प्रख्यात गजलकार विनोद कुमार सोनकिया को प्रतिष्ठित दुष्यंत सम्मान से नवाजा गया। वरिष्ठ साहित्यकार विज्ञान व्रत और शायर ओमप्रकाश ‘नदीम’ ने उन्हें प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
बृहस्पतिवार को शिक्षाविद् एसके पुंडीर ‘सरित’ की अध्यक्षता और ओमप्रकाश ‘नूर’ व पंकज त्यागी ‘असीम’ के संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। नव सृजन संस्था के संरक्षक सुरेेंद्र कुमार सैनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अध्यक्ष नीरज नैथानी, महासचिव किसलय क्रांतिकारी ने अतिथियों को बैज लगाकर उनका स्वागत किया। वरिष्ठ साहित्यकार विज्ञान व्रत ने विनोद कुमार सोनकिया के साहित्य सृजन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सोनकिया ने दुष्यंत कुमार के रचना धर्म के अनुरूप साहित्य में गजल, नज्म और गीतों के माध्यम से अहम किरदार निभाया है।
सोनकिया की गजलों को पढ़कर महसूस किया जा सकता है कि आज समाज को ऐसी गजलों और साहित्य से ही संवारा जा सकता है। अदबी मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश ‘नूर’ ने सोनकिया के जीवन पर प्रकाश डाला और उनकी उपलब्धियों से परिचित कराया। विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि आधुनिक हिंदी गजल के पुरोधा के रूप में हम दुष्यंत कुमार को याद करते हैं। उन्होंने हिंदी गजल को एक नया आयाम दिया है। उन्होंने मां को समर्पित रचना का पाठ भी किया। इस दौरान काव्य गोष्ठी में केपी अनमोल, मनोज पांडेय, पंकज त्यागी, शालिनी जोशी, अल्का घनसाला, शालिनी जोशी, विज्ञान व्रत, ओमप्रकाश, एसके पुंडीर, नवीन निश्छल, विनोद कुमार सोनकिया ने अपने कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में श्याम कुमार त्यागी, दीपिका सैनी, रश्मि त्यागी, समय सिंह सैनी, नीरज त्यागी, दिनेश धीमान, दीपक लाखवान, शाहिदा शेख आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को शिक्षाविद् एसके पुंडीर ‘सरित’ की अध्यक्षता और ओमप्रकाश ‘नूर’ व पंकज त्यागी ‘असीम’ के संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। नव सृजन संस्था के संरक्षक सुरेेंद्र कुमार सैनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अध्यक्ष नीरज नैथानी, महासचिव किसलय क्रांतिकारी ने अतिथियों को बैज लगाकर उनका स्वागत किया। वरिष्ठ साहित्यकार विज्ञान व्रत ने विनोद कुमार सोनकिया के साहित्य सृजन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सोनकिया ने दुष्यंत कुमार के रचना धर्म के अनुरूप साहित्य में गजल, नज्म और गीतों के माध्यम से अहम किरदार निभाया है।
विज्ञापन
सोनकिया की गजलों को पढ़कर महसूस किया जा सकता है कि आज समाज को ऐसी गजलों और साहित्य से ही संवारा जा सकता है। अदबी मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश ‘नूर’ ने सोनकिया के जीवन पर प्रकाश डाला और उनकी उपलब्धियों से परिचित कराया। विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि आधुनिक हिंदी गजल के पुरोधा के रूप में हम दुष्यंत कुमार को याद करते हैं। उन्होंने हिंदी गजल को एक नया आयाम दिया है। उन्होंने मां को समर्पित रचना का पाठ भी किया। इस दौरान काव्य गोष्ठी में केपी अनमोल, मनोज पांडेय, पंकज त्यागी, शालिनी जोशी, अल्का घनसाला, शालिनी जोशी, विज्ञान व्रत, ओमप्रकाश, एसके पुंडीर, नवीन निश्छल, विनोद कुमार सोनकिया ने अपने कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में श्याम कुमार त्यागी, दीपिका सैनी, रश्मि त्यागी, समय सिंह सैनी, नीरज त्यागी, दिनेश धीमान, दीपक लाखवान, शाहिदा शेख आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन