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Dehradun News: 168 वर्ग मीटर जमीन न मिलने से फाइलों में उलझी गैस

Mon, 09 Dec 2024 12:13 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2024 12:13 AM IST
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Gas stuck in files due to non-availability of 168 square meter land
राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को घरों के चूल्हों तक पहुंचाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। बार-बार पत्राचार करने के बाद भी गेल गैस इंडिया को डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटिंग स्टेशन (डीआरएस) लगाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। कंपनी को गैस आपूर्ति के लिए आठ डीआरएस स्टेशन की जरूरत है। इनमें दो स्टेशन पहले से संचालित हैं। अब कंपनी को छह डीआरएस लगाने के लिए 168 वर्ग मीटर जमीन नहीं मिल पा रही है। इसी के चलते पीएनजी गैस की आपूर्ति उलझी पड़ी है।
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दरअसल, राजधानी में गेल गैस इंडिया की ओर से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को घरों तक पहुंचाने के लिए तेजी से लाइन बिछाने का कार्य गतिमान है। मौजूदा समय में शहर के 33 वार्डों में गैस लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। पाइप लाइन बिछाने के लिए पहले ही सड़क कटिंग की अनुमति के साथ ही भुगतान की धनराशि जमा करा दी गई है, लेकिन डीआरएस निर्माण के लिए योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में दो डीआरएस का संचालन हो रहा है, लेकिन शहर के सौ वार्डों में गैस की आपूर्ति के लिए प्रथम चरण में आठ डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटिंग स्टेशन (डीआरएस) की दरकार है। एक डीआरएस के लिए 28 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है।
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प्रेशर को कम करता है डीआरएस

बता दें कि डीआरएस में बाहर से आने वाली गैस स्टील पाइप के जरिये सबसे पहले डीआरएस तक पहुंचती है। इसका प्रेशर 15-19 बार तक होता है। डीआरएस पर इसको नियंत्रित करके चार बार तक किया जाता है। इसके बाद इसे घरों के चूल्हों की आपूर्ति के लिए भेजा जाता है।



जहां मिली जमीन वहां नहीं मिला कब्जा



बीते दिनों कंपनी को मोथरोवाला और नेहरू कॉलोनी में जमीन उपलब्ध करा गई थी, लेकिन कब्जे के नाम पर अभी भी कंपनी के हाथ खाली हैं। जबकि दोनों जमीनों के लिए कंपनी की ओ से दो साल पहले ही पैसा जमा कर दिया गया था। वहीं गढ़ी कैंट और हाईवे पर सेना की अनुमति के फेरे में डीआरएस का निर्माण उलझा पड़ा है। अनुमति न मिली तो यहां पर भी डीआरएस के निर्माण को लेकर परेशानी खड़ी होगी।





डीआरएस के लिए जमीन उपलब्ध कराने को बार-बार नगर निगम को पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। गैस की आपूर्ति के लिए डीआरएस का निर्माण जरूरी है। नगर निगम प्रशासन से एक बार फिर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। -मीनाक्ष त्रिपाठी, जीएम, गेल गैस इंडिया, देहरादून
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