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गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड: नया खुलासा; बिना पृष्ठभूमि जांचे एक अफसर की संस्तुति पर बन गया असलहा का लाइसेंस

Wed, 18 Feb 2026 10:39 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 18 Feb 2026 10:39 PM IST
सार

बीते दिनों झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हत्या हो गई थी। इसके बाद से ही लाइसेंसी हथियार दिलाने की प्रक्रिया भी सवालों में थी। अब इस मामले में पुलिस ने खुलासा किया है।

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Gangster Vikram murder case: arms license issued on the recommendation of an officer without background check
देहरादून में हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या हो चुकी है। झारखंड के जमशेदपुर में जुर्म की दुनिया में बदनाम रहने वाला विक्रम उत्तराखंड में बड़ी ही चतुराई से अपने को साफ छवि का दर्शाने में जुटा हुआ था। उसके वे हर काम यहां के अफसरों और नेताओं ने किए जो एक साफ छवि वाले कारोबारी के हो जाते हैं। पहले उसके स्टोन क्रशर को अनुमति की बात चर्चाओं में आई तो अब लाइसेंसी हथियार दिलाने की प्रक्रिया भी सवालों में है।

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विक्रम शर्मा को 2022-23 में ऊधमसिंह नगर जिले से हथियार के लिए लाइसेंस मिला था। बताया जा रहा है कि यह लाइसेंस उसे एक अफसर की संस्तुति पर दिया गया था। जाहिर है कि लाइसेंस से पहले प्रक्रिया के अनुसार पुलिस की रिपोर्ट ली गई होगी।
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ऊधमसिंह नगर में उसका आपराधिक इतिहास नहीं था तो अफसर ने भी अपने हस्ताक्षर कर फाइल को जिलाधिकारी के पास भेज दिया। इस प्रक्रिया में उसकी पृष्ठभूमि को नहीं देखा गया। जबकि लाइसेंस जारी होने के पांच साल पहले ही वह देहरादून से झारखंड पुलिस के हाथों गिरफ्तार किया गया था। यह बात मीडिया और सोशल मीडिया में आई थी कि वह कुख्यात अपराधी है।
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बावजूद इसके उसकी जान को खतरा मानते हुए लाइसेंस जारी कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक उसका चरित्र प्रमाणपत्र बनाने में भी बड़ा खेल किया गया। इसमें प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। यह सब उस वक्त हुआ जब वह महज एक साल पहले 2021 में ही जेल से छूटकर उत्तराखंड आया था। सूत्रों ने बताया कि हत्याकांड की जांच में भी इन सब पहलुओं की जांच भी की जा रही है।

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