Ganga Utsav: हरिद्वार में निर्मल और अविरल होकर बहती रहे गंगा, उत्सव में सभी ने संकल्पित भाव से किया आह्वान
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने बीएसएफ की महिला जवान जो देव प्रयाग से गंगासागर तक राफ्टिंग के जरिए गंगा की अविरलता और स्वच्छता का संदेश लेकर निकली हैं, उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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गंगा जीवित प्राणी हैं यह मानते हुए उन्हें स्वच्छ रखने और आस्था के साथ देवी के रूप में पूजने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से सोमवार को चंडीपुल के पास नमामि गंगे घाट पर आठवां गंगा उत्सव मनाया गया। केंद्रीय मंत्री से लेकर उत्तराखंड के मंत्रियों ने इसमें शिकरत की। हालांकि उत्सव की तैयारी और भव्यता जिस अंदाज में होनी थी, वह अल्मोड़ा में हुए हादसे की वजह से खास नहीं हो सकी। मां गंगा की आरती और विविध आयोजनों के बीच गंगा उत्सव मनाया गया। इसमें सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में सबसे पहले अल्मोड़ा में बस हादसे में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य सहित नमामि गंगे से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने बीएसएफ की महिला जवान जो देव प्रयाग से गंगासागर तक राफ्टिंग के जरिए गंगा की अविरलता और स्वच्छता का संदेश लेकर निकली हैं, उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गंगा को स्वच्छ व निर्मल रखने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं है, यह करोड़ों लोगों की आस्था केंद्र है। यह हमारी संस्कृति है, हमारी धरोहर है, इसके संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि यदि हम नदी को प्रदूषित होने से बचाएंगे तो प्रदूषण भी काम होगा और नदी के जलीय जीवों की रक्षा भी होगी। उन्होंने पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो अभियान नमामि गंगे योजना के तहत शुरू किया है इससे करोड़ों लोगों की अपेक्षा है और उस पर खरा उतरने के लिए जन सहभागिता की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हरिद्वार वह स्थान है जो उत्तराखंड का देव भूमि के रूप में परिचय करता है। उन्होंने कहा कि यही दिन है जब मां गंगा को राष्ट्रीय नदी के रूप में घोषित किया गया। उत्सव को उत्साह में बदलने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से मां गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने में सदैव सहयोग मिलता है।
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गंगा में छोड़े महाशीर मछलियों की खेप
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने गंगा में महाशीर मछलियों के शिशुओं की खेप भी प्रवाहित किया। इसमें कई लाख मत्स्य बीज भी गंगा में छोड़े गए, ताकि गंगा में जलीय जीव का संतुलन बना रहे। वहीं ‘घाट पर हाट’ कार्यक्रम के तहत कई गंगा तट के गांव की समितियों ने आयोजन में स्टॉल लगाया और इसमें स्थानीय हर्बल उत्पाद का प्रदर्शन किया गया। अकांक्षी जनपद हरिद्वार की ओर से मीठी गंगा के स्टॉल भी लगे। इसमें मौन पालन और इससेे जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
अंग्रेजी मंथन केवल खास लोगों के लिए आम को पता नहीं चला
गंगा उत्सव में एक कार्यक्रम ‘गंगा मंथन’ में सुबह के सत्र में जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने मंथन किया वहीं स्कूली बच्चों के लिए विशेष भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा अंग्रेजी के विद्वानों के बीच हुई। चुनिंदा लोग ही इस मंथन में शामिल हुए। बच्चों के कार्यक्रमों में भी लोकल कनेक्ट जैसी पहल नहीं की गई। व्याख्यान और कविता पाठ उन्हीं स्कूलों के बच्चों ने प्रस्तुत किया, जिन्हें आमंत्रित किया था।
पहली बार मनाया गया गंगा किनारे उत्सव
महानिदेशक नमामि गंगे राजीव मित्तल ने बताया कि उत्सव मां गंगा के संरक्षण को लेकर है। उन्होंने कहा कि पांच अन्य राज्यों में भी यह उत्सव मनाया जा रहा है। कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य है कि नदियों को सिर्फ जल का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन का आधार बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यह मात्र उत्सव नहीं अभियान है। इसके माध्यम से हम नदियों के महत्व को समझाने का प्रयास करते हैं। बताया कि पहली बार गंगा किनारे महोत्सव का आयोजन किया गया है। इससे पहले यह आयोजन दिल्ली में आयोजित किया जाता था।
सीएम ने ऑनलाइन कार्यक्रम को किया संबोधित
अल्मोड़ा में हुए हादसे के कारण सीएम पुष्कर सिंह धामी का कार्यक्रम स्थागित हो गया। वह देहरादून से सीधे अल्मोड़ा हादसे में किशार घायलों को देखने पहुंच गए। उन्होंने अपने संबोधन में केवल हादसे पर दुख जताया और आगंतुक अतिथियों के स्वागत के साथ ही अपने संबोधन को समाप्त कर दिया। हालांकि सीएम के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर से तमाम तैयारियां की गईं थीं।