आंधी-तूफान से खेत में पेड़ गिरने से किसान की मौत, अंधेरे में डूबे उत्तराखंड के कई इलाके
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में गुरुवार देर रात को आए आंधी तूफान ने कई जगह लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। साथ ही हरिद्वार में खेत में पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई। वहीं कई जगह विद्युत आपूर्ति भी ठप रही। कई इलाकों में तो शुक्रवार को बिजली आई।
श्यामपुर में किसान की मौत की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इनकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। शुक्रवार दोपहर डीएम के समझाने के बाद परिजन माने और पुुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा।
जानकारी के अनुसार, भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम डाडा जलालपुर निवासी फरमान (40) पुत्र शब्बीर बृहस्पतिवार देर शाम खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान आंधी आ गई। कुछ ही देर में हवाएं और तेज हो गईं तो फरमान घर जाने लगे। इसी दौरान खेत के समीप खड़ा एक पेड़ फरमान के ऊपर गिर गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव पड़ा देखा तो कोहराम मच गया।
कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। लिहाजा रातभर पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
शुक्रवार सुबह एसडीएम संतोष कुमार पांडेय पुलिस के साथ गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद मौके पर पहुंचीं विधायक ममता राकेश के नेतृत्व में कुछ ग्रामीण जिलाधिकारी दीपक रावत के पास हरिद्वार पहुंचे।
कई जगह विद्युत आपूर्ति ठप, घंटों बाद आई बिजली
राजधानी और आसपास के इलाकों में बृहस्पतिवार शाम तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से जगह-जगह बिजली के तार टूटने और ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली गायब हो गई। जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश थमने के बाद ऊर्जा विभाग की टीमें मरम्मत में जुटी। लेकिन, देर रात तक आधे से ज्यादा इलाकों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक तेज हवाएं और बारिश चलने से पटेलनगर, देहराखास, चमन विहार, क्लेमेंटटाउन, कारगी चौक, नारायण विहार, राजपुर रोड, जीएमएस रोड, विद्या विहार, डालनवाला, राजीव नगर, नेहरू ग्राम, रामपुर, जोगीवाला, रायपुर, चंदर रोड, द्रोण विहार, जीएमएस रोड, बद्रीपुर, घंटाघर, ईसी रोड, करनपुर रोड, इंदिरा नगर, बसंत विहार, ईसी रोड, ट्रांसपोर्ट नगर समेत राजधानी के ज्यादातर इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
हालांकि इस दौरान कहीं कोई बड़ा हादसा होने की सूचना नहीं है। लेकिन जैसे बारिश का दौर थमा अभियंताओं की अगुवाई में कर्मचारियों की टीमें मरम्मत कार्य में जुट गई।घंटों जद्दोजहद के बाद कई मोहल्लों में जंफर जोड़कर जैसे तैसे आपूर्ति बहाल कराई गई। लेकिन, कई इलाकों में शुक्रवार को विद्युत आपूर्ति बहाल हुई।
दमकल ने पहुंच आग को काबू किया
बीती बृहस्पतिवार रात्रि चले तेज अंधड़ से ऋषिकेश में केनाल गेट हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर आग लग गई। मौके पर पहुंची दमकल ने किसी तरह आग को काबू में किया। आग ढाबे के एक हिस्से में लगी इसलिए अधिक नुकसान नहीं हुआ।
तेज अंधड के साथ तमाम बिजली की केबिल भी हिलने लगी। केनाल गेट में हाईवे किनारे एक ढाबे की छत पर जैसे ही बिजली की चिंगारी गिरी तो उसने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटें निकलने लगीं।
हवा तेज चलने के कारण आग को काबू में किया जाना मुश्किल हो गया। ढाबा मालिक संजू वर्मा व स्थानीय लोगों ने बल्टी से पानी डाल आग पर काबू करने का प्रयास किया। मगर, सफलता नहीं मिली।
सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। अच्छी बात ये रही कि आग की लपटे जिधर खाद्य सामग्री रखी थी वहां नहीं पहुंच पाई। वरन बहुत नुकसान होता। आग से ढाबे की छत सहित कई छोटा-मोटा सामान जलकर राख हो गया।
ऋषिकेश अंधेरे में गुजारी रात
बीते रोज अचानक आये अंधड़ और तेज बारिश से बिजली के कई तार आपस में उलझ गए। इससे ऋषिकेश सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिजली गुल होने के कारण रात अंधेरे में बितानी पड़ी। दूसरी ओर, ग्राम सभा खदरी खड़क माफ स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान गढ़ी श्यामपुर के आवासीय परिसर में भी अंधड़ के कारण भारी नुकसान हुआ है।
संस्थान के पर्यावरण संरक्षक और स्थानीय निवासी विनोद जुगलान विप्र ने बताया कि पॉलिटेक्निक के बालिका छात्रावास सहित आवासीय भवन की छत पर लगी पानी की टंकिया अंधड़ के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गयीं। इसके अलावा संस्थान के मुख्य द्वार पर लगा सूचना बोर्ड सहित खदरी वार्ड नम्बर छह के विद्युत पोल तिरछे हो गए। इससे बिजली की तारें झुक गयी।
ग्राम प्रधान सरोप सिंहने बताया कि विद्युत सप्लाई बाधित होने से कुछ समय के लिए पेयजल सेवा बंद रही। शुक्रवार को विद्युतकर्मियों ने बिजली के पोलों तथा उलझे तारों को ठीक कर बिजली सप्लाई शुरू की। बिजली आने से ही पेयजल आपूर्ति भी सुचारू हो गई।