गैरसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी और देहरादून राजधानी- सीएम त्रिवेंद्र
- स्थायी राजधानी के प्रश्न पर बोले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- कहा, 10 साल में करेंगे समानांतर व्यवस्थाएं, 25 हजार करोड़ का होगा निवेश
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गैरसैंण (भराड़ीसैंण) प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी और देहरादून राजधानी है। गैरसैंण को राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए वहां समानांतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। राज्य सरकार और निजी क्षेत्र की सहभागिता से गैरसैंण में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने यह बात स्थायी राजधानी को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कही।
बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप गैरसैंण में हमें समानांतर व्यवस्थाएं करनी हैं। इस दृष्टि से आगामी 10 वर्षों में गैरसैंण में विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तो निवेश करेगी ही साथ-साथ निजी निवेश भी आएगा। गैरसैंण क्षेत्र की तमाम अवस्थापना सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, सीवरेज आदि की तमाम व्यवस्थाएं की जानी हैं। गैरसैंण में अच्छे विद्यालय, खेल मैदान मनोरंजन के तमाम संसाधनों के विकास आदि के लिए 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सबसे पहले भूमि की व्यवस्था होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी को विकसित करने के लिए सबसे पहला काम पर्याप्त भूमि की व्यवस्था करना है। हमारी कोशिश राजधानी से बेहतर कनेक्टिविटी पर ध्यान देने की भी है।
दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक डबल लेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक डबल लेन सड़क का निर्माण होगा। इसके लिए नौ करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। चार हेलीकाप्टरों के उतरने लायक हेलीपैड के निर्माण के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है।