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विधानसभा में लोकायुक्त पर पहले खुशी, फिर हंगामा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 21 Jan 2014 11:07 AM IST
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सोमवार को देहरादून में विधानसभा सत्र के दौरान लोकायुक्त पर कभी खुशी, कभी हंगामा जैसी स्थिति देखने को मिली।
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जैसे ही उत्तराखंड की पूर्व खंडूड़ी सरकार के कार्यकाल वाले लोकायुक्त के कानून बनने की सूचना विस सदन में दी तो भाजपाइयों ने मेजे थपथपाकर खुशी की इजहार किया।
भाजपाई भड़क उठे
लेकिन जैसे ही मद संख्या 14 (46) में लोकायुक्त विधेयक 2014 पुरस्थापित किया तो भाजपाई भड़क उठे और कहा कि जब पहले से ही कानून है तो उसकी भ्रूण हत्या क्यों की जा रही है।
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शून्यकाल में विधानसभा सचिव ने जैसे ही खंडूड़ी के लोकायुक्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद एक्ट बनने की सूचना सदन को दी तो विपक्ष ने खुशी का इजहार किया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद नए लोकपाल बिल के लिए विधेयक को पुरस्थापित करने की मंजूरी सदन ने दी तो भाजपा भड़क उठी।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि आज ही पहले लोकायुक्त के कानून बनने की जानकारी सदन में दी जा रही है और आज ही दूसरे लोकायुक्त विधेयक को पुरस्थापित किया जा रहा है। यह पहले कानून की भ्रूण हत्या करने जैसा ही है।
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इससे पहले भाजपा के सुरेंद्र सिंह जीना ने प्रश्नकाल में स्यालदे विकासखंड के स्कूल में शिक्षकों के नहीं होने से छात्रों के हड़ताल पर बैठने का मुद्दा उठाया। भाजपा के राजेश शुक्ला ने झूठी शिकायत पर एक जिलाध्यक्ष को पुलिस द्वारा जबरन उठाने का मामला सदन के भीतर रखा।
एक कानून खत्म तो एक का उदय
मंगलवार को विधानसभा में एक ही मकसद के लिए बने दो महत्वपूर्ण कानूनों के की कार्यवाही एक साथ होगी। एक कानून का निरसन होगा तो दूसरा वजूद में आएगा।
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दरअसल, खंडूड़ी सरकार द्वारा बनाए गए लोकायुक्त बिल के निरसन की कार्यवाही और बहुगुणा सरकार के लोकायुक्त विधेयक को कानून बनाने की कार्यवाही एक ही साथ होगी। दोनों के लिए एक ही साथ सदन का मत जाना जाएगा। स्पीकर सदस्यों से एक ही साथ पुराने लोकायुक्त के निरसन और नए को वजूद में लाने पर राय पूछेंगे।
वांटेड विधायक भी पहुंचे विधानसभा
ऊधमसिंहनगर पुलिस को रुद्रपुर दंगों में आरोपी जिस भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल की तलाश है वो सोमवार को अपनी कार से विधानसभा पहुंचे और सदन के भीतर जाकर हाजिरी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करके चलते बने।
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इस घटना ने राज्य की पुलिस और खुफिया एजेंसी की सक्रियता पर भी सवाल खडे़ कर दिए है। अब जब इस घटना को घंटो बीत गए लेकिन पुलिस के सारे आला अफसर निरुत्तर है।