बजुर्गों ने किया सरकार की फ्री यात्रा को फ्लॉप
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उत्तराखंड सरकार द्वारा बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष शुरू की गई बदरीनाथ धाम की ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ यात्रा प्रचार-प्रसार के अभाव में फ्लॉप रही।
यात्रा के प्रति लोगों का रुझान कम
प्रदेशभर से इस बार कुल 1347 श्रद्धालु ही यात्रा का लाभ उठा सके, जबकि योजना के तहत 2600 बुजुर्गों को बदरीनाथ धाम के दर्शन कराने का लक्ष्य निर्धारित था। इसके तहत हर जनपद से दो सौ श्रद्धालु यात्रा पर भेजे जाने थे।
किसी भी जिले में निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, कुमाऊं मंडल के एक जिले में तो यात्रा में इस साल खाता भी नहीं खुल पाया। 2013 की जलप्रलय के बाद प्रदेश में सब कुछ ठीक है, यह संदेश देश-दुनिया में देने और उत्तराखंड के पर्यटन-तीर्थाटन व्यवसाय को फिर से उबारने के उद्देश्य से सरकार ने पहली बार स्थानीय बुजुर्गों के लिए विशेष यात्रा शुरू की थी।
इसके तहत सरकारी खर्चे पर 65 साल से अधिक आयु के वृद्ध जनों को बदरीनाथ धाम की यात्रा पर भेजा जाना था। 25 सितंबर से शुरू हुई इस यात्रा के शुरुआत में लोगों का रुझान तो दिखा, मगर प्रदेश सरकार के स्तर से इसके लिए प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में यात्रा के प्रति लोगों का रुझान कम हो गया।
लिहाजा, 27 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यह यात्रा भी शीतकाल के लिए बंद कर दी गई।
पिथौरागढ़ का नहीं खुला खाता
‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ यात्रा में पहले साल पिथौरागढ़ जिले का खाता भी नहीं खुल पाया। यहां एक भी श्रद्धालु ने यात्रा के लिए आवेदन नहीं किया। जनपद में बीते वर्ष आपदा के दौरान काफी नुकसान हुआ था। संभवत: स्थानीय लोगों के दिलों में आज भी उसका भय बरकरार है।
पांच जिलों में नहीं हुआ 50 का आंकड़ा पार
कुछ जिलों में आंकड़ा 50 श्रद्धालुओं तक भी नहीं पहुंच पाया। इनमें चंपावत से 22, अल्मोड़ा से 29, नैनीताल से 47, पौड़ी से 48 यात्री शामिल हैं।
आवेदन किए पर नहीं पहुंचे
पर्यटन विभाग की मानें तो यात्रा के लिए कई स्थानों पर बुजुर्ग यात्रियों ने आवेदन किए थे। बताया कि कुछ लोग आवेदन करने के बाद भी यात्रा में शामिल नहीं हुए। कई लोगों के आवेदन अस्वस्थ होने की स्थिति में निरस्त कर दिए गए।
जनपद - श्रद्धालु
देहरादून - 97
हरिद्वार - 112
उत्तरकाशी - 183
पौड़ी - 48
चमोली - 196
रुद्रप्रयाग - 192
नई टिहरी - 157
नैनीताल - 47
उधमसिंह नगर - 154
चंपावत - 22
पिथौरागढ़ - 00
बागेश्वर - 110
अल्मोड़ा - 29
.......................
कुल श्रद्धालु - 1347
(स्रोत: गढ़वाल मंडल विकास निगम कार्यालय)